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इनेलो ने फोड़ा बिजली बम, सरकार पर लगाए आरोप

Wed, 19 Feb 2014 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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इंडियन नेशनल लोकदल के युवा नेता दुष्यंत चौटाला ने बिजली बम फोड़ते हुए आरोप लगाया है कि अदानी ग्रुप की महंगी बिजली खरीदने में रोजाना डेढ़ करोड़ रुपये की दलाली ली जा रही है। यह दलाली एक साल से ली जा रही है।
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एक साल में 547 करोड़ रुपये की दलाली अब तक आ चुकी है। उधर, बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए चौटाला पर राजनीति करने का आरोप मढ़ दिया है।

दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि करोड़ों रुपये की लागत से हरियाणा में स्थापित किए गए अपने बिजली थर्मल प्लांटों की 12 यूनिटों से नौ यूनिट बंद की हुई हैं और अदानी ग्रुप से महंगी बिजली ली जा रही है। अदानी ग्रुप से समझौता कराने में एक दलाल ने भूमिका निभाई थी।
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आरटीआई में दलाल का नाम पूछा तो बिजली निगमों ने यह कहकर सूचना देने से इंकार कर दिया कि मांगी गई सूचना तीसरे व्यक्ति से संबंधित है।

चौटाला ने दावा किया कि 2008 में अदानी पॉवर लिमिटेड के साथ 1424 मेगावाट बिजली 2.94 रुपये प्रति यूनिट खरीदने के लिए 25 साल का अनुबंध हुआ था। मगर, वर्ष-2012 में पुराना समझौता रदद् कर दिया और नया समझौता 3.23 रुपये प्रति यूनिट का कर लिया गया।

यह समझौता एक दलाल के जरिए किया गया। फिक्सड चार्जेज 97 पैसे के साथ यह बिजली हरियाणा को 4.20 रुपये प्रति यूनिट पड़ रही है। यदि 30 पैसे प्रति यूनिट दलाली लगाई जाए तो यह डेढ़ करोड़ रुपये बनती है। हरियाणा ने अपने प्लांट बंद करवा रखे हैं, जबकि उनकी बिजली चार रुपये से कम में पड़ती है।

सरकार और अफसर अदानी की बिजली खरीदने के चक्कर में हरियाणा के उपभोक्ताओं को सात रुपये प्रति यूनिट तक बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कभी भी किसी थर्मल प्लांट का दौरा नहीं किया, जबकि इनेलो के तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला कुछ दिनों के अंतराल पर दौरा करते थे।

उन्होंने कहा कि बिजली के उच्चाधिकारी दावा कर रहे हैं कि बिजली सरप्लस है और अपने प्लांट बंद रखे हुए हैं, जबकि अन्य राज्यों को बिजली की जरूरत है। यह बिजली वहां बेची जा सकती है। अपने प्लांट बंद होने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। मशीनरी खराब हो रही है और कर्मचारियों का नुकसान हो रहा है।

चौटाला के सारे तथ्य गलत, आरोप बेबुनियाद : सरकार
हरियाणा बिजली विभाग के प्रधान सचिव और बिजली निगमों के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने दुष्यंत चौटाला के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तथ्यों को गलत करार दिया।

उन्होंने पूछने पर कहा कि अदानी ग्रुप के साथ 2008 में समझौता हुआ था। वह आज भी कायम है। उसी समझौते के अनुसार बिजली खरीदी जा रही है। उस समझौते में ही हर साल बिजली के दाम तय किए हुए हैं।

अदानी की बिजली हरियाणा को 3.26 रुपये प्रति यूनिट मिल रही है, न कि 4.20 रुपये प्रति यूनिट। उन्होंने कहा कि यह नियम है कि सस्ती बिजली सबसे पहले खरीदी जाएगी और महंगी बिजली सबसे बाद में। हरियाणा की कुछ यूनिट तब बंद की जाती हैं, जब उससे सस्ती बिजली उपलब्ध हो।

देवेंद्र सिंह ने कहा कि कोई दलाल बीच में नहीं है और दलाली का आरोप कैसे लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली एक तकनीकी मामला है और हर किसी व्यक्ति की समझ में नहीं आ सकता।

आरोप बेबुनियाद : कैप्टन अजय यादव
बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुष्यंत चौटाला को तथ्यों को ज्ञान नहीं है। बिना ज्ञान के ऐेसे बेबुनियाद आरोप नहीं लगाने चाहिए। ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। अदानी ग्रुप से बिजली के रेट एक कमेटी ने तय किए थे, न कि हरियाणा सरकार ने। कोई दलाली नहीं ली जा रही है। इन आरोपों में कोई दम नहीं है।
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