मुख्यमंत्री ने उद्योगों को भारत सरकार के उस स्पष्टीकरण से भी अवगत करवाया कि यदि कोई मजदूर कोविड -19 से प्रभावित पाया जाता है तो किसी भी औद्योगिक इकाई के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उद्योगों की चिंता के जवाब में कैप्टन ने पहले उद्योग विभाग को केंद्र के पास इस मामले को जोर से उठाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव ने स्पष्ट किया कि दिशा-निर्देशों में ऐसे मामलों में कोई दंडात्मक कार्रवाई का आदेश नहीं दिया गया है। सीएम ने भरोसा दिलाया कि सूबा सरकार की तरफ से किसी मजदूर के कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर संबंधित उद्योग पर कोई अपराधिक जुर्माना लगाने का न तो इरादा है और न ही कोई निर्देश है।
लॉकडाउन खोलने का फैसला विशेषज्ञ कमेटी की राय पर: कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि वह लॉकडाउन खोलने का फैसला विशेषज्ञ कमेटी की सलाह पर लेंगे। उद्योगपतियों, अर्थशास्त्रियों और विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ वेब पर विचार-विमर्श (वेबिनार) में कहा कि 20 सदस्यीय कमेटी शनिवार को रिपोर्ट सौंप देगी। पंजाबियों का जीवन बचाने की अपनी वचनबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा मेरे पंजाबियों की जान बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों फिर शुरू की जा सकती हैं लेकिन हम लोगों को वापस नहीं ला सकते। उन्होंने कहा कि अगर विशेषज्ञ कमेटी, जिसमें मेडिकल विशेषज्ञ और डॉक्टर भी शामिल हैं, आंशिक रूप या पूरा खोलने की सिफारिश करेंगे तो हम ऐसा ही करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सेहत उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
पंजाब ने 40 दिनों में कोविड के तीन शिखर देखे हैं। उन्होंने कहा कि शायद यह संभव नहीं है कि मुकम्मल लॉकडाउन को कुछ और समय के लिए हटा लिया जाए लेकिन फिर भी राज्य सरकार विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिशों और जमीनी हकीकत देखकर पड़ताल करेगी। पंजाब में 22 जिलों में से 5 जिले ग्रीन जोन में हैं।
वेबिनार में सीएम ने इतालवी राजूदत विनसैंजो डी लुका के साथ उनके देश में कोविड के कारण हुई मौतों पर दुख जताया। राजदूत ने भी कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में पंजाब के लोगों के साथ एकजुटता जताई। राजदूत ने बताया कि दुनिया के सबसे अधिक प्रभावित मुल्कों में शामिल इटली में एक लाख पंजाबी रह रहे हैं। पंजाब सरकार से अपील है कि खाद्य प्रसंस्करण और खेती मशीनरी के निर्माण क्षेत्र में इटली की कंपनियों के निवेश के लिए संभावनाएं तलाशी जाएं।
सीएम ने इटली की टीम के साथ विचार-विमर्श करके उनके लिए निवेश के मौके ढूंढने का आदेश दिया। डेनमार्क के राजदूत फरैडी सवाने ने भी निवेश की अपील की। कोका कोला इंडिया के सार्वजनिक मामले और संचार विंग के उप प्रमुख इश्तियाक अमजद, जुबीलेंट लाइफ साइंसेज लिमिटेड के रणनीतिकार और सार्वजनिक मामले और ग्रुप अम्बडसमैन के ग्रुप प्रमुख अजय खन्ना, यूनाइटेड बरैवैरीज लिमिटेड के कॉर्पोरेट मामलों के मुख्य अफसर अमरदीप सिंह आहलूवालिया और पीएएफआई के पूर्व प्रधान और संस्थापक सदस्य रमन सिद्धू के अलावा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग विनी महाजन, अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास विसवाजीत खन्ना और निवेश पंजाब के सीईओ रजत अग्रवाल भी मीटिंग में शामिल थे।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील की है कि वह कोविड -19 संकट के मद्देनजर लॉकडाउन में फंसे सेवामुक्त सैनिकों को उनके पैतृक राज्यों में जाने के लिए विशेष आज्ञा दिलाएं। केंद्रीय रक्षा मंत्री को लिखे पत्र में कैप्टन ने कहा कि यदि उनको तुरंत घर वापस भेजना संभव नहीं होगा तो देश भर के कमांड हेडक्वार्टर को निर्देश दिए जाएं कि पूर्व सैनिकों का तब तक विशेष ख्याल रखा जाए, जब तक उन्हें घर जाने के लिए अपेक्षित आज्ञा नहीं मिल जाती।
कैप्टन ने आगे कहा कि देश की रक्षा करने वाली हथियारबंद सेनाओं में पंजाब अपना बेहतरीन योगदान देता है। हर महीने बड़ी संख्या में सैनिक सेवानिवृत्त होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा निस्संदेह उन्हें इस समय पर मानसिक परेशानी में से गुजरना पड़ रहा है क्योंकि वह अपने परिवार वाले और नजदीकियों के पास जाने से असमर्थ हैं।