कई उद्यमी पंजाब में निवेश को इच्छुक हैं, लेकिन वे तीन बातों के कारण अभी निवेश नहीं कर रहे हैं। हाल ही में यह बात खुलकर सामने आई है। पंजाब में कांग्रेस सरकार के गठन को मंगलवार को दो महीने पूरे हो गए। सरकार बनने केबाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मुंबई जगह चोटी के उद्यमियों से मुलाकात भी की थी, लेकिन अब तक पंजाब में कोई निवेश नहीं हुआ है।
उद्योग विभाग के मुताबिक कई उद्यमी पंजाब में निवेश को इच्छुक हैं, लेकिन वे तीन बातों के कारण अभी निवेश नहीं कर रहे हैं। इनमें सबसे अहम वजह जीएसटी है। जीएसटी एक जुलाई-2017 से लागू होने की संभावना है। निवेशक जीएसटी लागू होने के बाद के हालात का जायजा लेना चाहते हैं। उसके बाद ही वे निवेश करेंगे। वहीं, पंजाब सरकार भी जीएसटी केबाद केहालातों को लेकर मंथन में जुट गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक्साइज टैक्सेशन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वैट खत्म होने के बाद इंडस्ट्री को किस तरह की रियायतें दी जा सकेंगी, इस पर रिपोर्ट दें। अभी निवेश को प्रोत्साहित करने को सरकार वैट में रियायत दे देती है। लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद ऐसा संभव नहीं होगा। एक्साइज टैक्सेशन विभाग फिलहाल विकल्प तलाशने में जुटा है। इसकेअलावा निवेशक पंजाब की नई औद्योगिक नीति का भी इंतजार कर रहे हैं।
कांग्रेस सरकार ने राज्य के बाहर और राज्य के अंदर नए निवेश को बढ़ावा देने को विशेष नीति लाने का एलान किया है। नई इंडस्ट्री पॉलिसी आने के बाद निवेशक फैसला लेंगे। वहीं, पंजाब सरकार ने अब तक इंडस्ट्री के लिए नई बिजली दरें भी घोषित नहीं की हैं। उनके भी जून में घोषित होने के आसार हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जुलाई में ही निवेश को लेकर पहल शुरू हो सकेगी।