चंडीगढ़। बीसीसीआई की वूमेन प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य और यूटी क्रिकेट एसोसिएशन (यूटीसीए) के फाउंडर प्रेसीडेंट संजय टंडन ने शनिवार को लोक भवन में पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने राज्यपाल को फ्राम ऐफिलेशन टुवर्ड्स एक्सीलेंस-यूटीसीए, चंडीगढ़ 2019–2025 पुस्तक भेंट की।
भेंट के दौरान संजय टंडन ने क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को हुई बीसीसीआई की एपेक्स काउंसिल बैठक में चंडीगढ़ में इंडोर क्रिकेट सुविधा की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए स्थल को अंतिम रूप देने बीसीसीआई की रिव्यू टीम जल्दी ही चंडीगढ़ का दौरा करेगी। यह सुविधा खिलाड़ियों को वर्ष भर विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह पुस्तक यूटीसीए की एफिलेशन के बाद से प्रेरणादायक यात्रा को दर्शाती है। बीते छह वर्षों में चंडीगढ़ में क्रिकेट के निरंतर विकास को उजागर करती है। इसमें कई आयु वर्गों में चंडीगढ़ के खिलाड़ियों की उपलब्धियों, राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रदर्शन और शहर में एक मजबूत क्रिकेटिंग इकोसिस्टम विकसित करने के लिए किए गए प्रयासों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
पुस्तक में यूटीसीए द्वारा शुरू की गई प्रमुख प्रतियोगिताओं के विकास को भी दर्शाया गया है, जिन्होंने चंडीगढ़ के क्रिकेट को नई दिशा दी है। चंडीगढ़ प्रीमियर लीग ने स्थानीय और उभरती प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धात्मक अवसर प्रदान किए हैं। गली क्रिकेट पहल, जो कई सीजन में आयोजित की गई, ने खेल को जमीनी स्तर तक पहुंचाते हुए मोहल्लों से प्रतिभाओं की पहचान में अहम भूमिका निभाई है।
गली क्रिकेट को बीसीसीआई द्वारा केस स्टडी के रूप में मान्यता मिली है और यह ‘बल्ला घुमाओ, नशा भगाओ’ अभियान के अनुरूप होने के कारण केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा भी सराही गई है। बलरामजी दास टंडन मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट भी क्रिकेट का बेहतरीन समन्वय पेश करता है।
राज्यपाल ने चंडीगढ़ में क्रिकेट के विकास और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए यूटीसीए के प्रयासों की सराहना की और खेल विकास में यूटीसीए के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।