मैदान भले ही जंग का हो या खेल का, यदि भारत-पाकिस्तान आमने-सामने हो तो देखना रोमांच से भरपूर होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक जगह ऐसी भी है, जहां भारत और पाकिस्तान में रोजाना युद्ध होता है।
युद्ध भले ही सैनिक लड़ते हैं, लेकिन यहां भारत और पाकिस्तान के लोग आमने-सामने ही दिखाई देते हैं और एक-दूसरे देशों के खिलाफ दोनों ओर से भरपूर हूटिंग होती है।
पाकिस्तानियों की ओर से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाते हैं, जबकि भारत की ओर से इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगते हैं। ये जगह कोई और नहीं पंजाब के फिरोजपुर के 10 किलोमीटर दूर स्थित हुसैनीवाला बार्डर है।
दिन में केवल दो बार एक घंटे के लिए खुलने वाला ये बार्डर बाकी समय बंद रहता है। सुबह तिरंगा लगाते हुए और शाम को तिरंगा उतारते समय रिट्रीट फ्लैग सेरामनी होती है। आइए आपको बताते हैं इस रिट्रीट फ्लैग सेरामनी का आंखो देखा हाल...
समयः शाम 5:05 बजे
यहां दर्शक दीर्घा में बैठने के बाद अटारी बार्डर से भी ज्यादा नजदीक दिखते हैं पाकिस्तान और उनके बाशिंदे। सीमा में रहते हुए एक दूसरे देश की सबसे ज्यादा हूटिंग यहीं पर होती है। फ्लैग सेरामनी शुरू होते ही शुरू होता है भारत-पाक का 'युद्ध'। पांच जवान पाकिस्तान की ओर से आगे बढ़ते हैं और पांच जवान भारत की ओर से।
फिर दोनों ओर से जवान एक-एक करके अपनी ताकत का अहसास करवाते हैं। जितनी तेजी से जवान सेल्यूट लेते हुए अपना बूट फर्श पर मारता है, उतनी तेज आवाज होती है और वह जवान सामने सीना चौड़ा करके सामने वाले देश को अपने इरादे स्पष्ट कर देता है। उस देश के लोग भी जवान के साहस की प्रशंसा करते हुए सामने वाले देश की खूब हूटिंग करते हैं।
...जब बार्डर पर लगे विराट के नारे
जबसे वर्ल्डकप में भारत ने पाकिस्तान को हराकर इतिहास कायम रखा है, बार्डर पर भारत की ओर से विराट कोहली के नारे सुनाई पड़ रहे हैं। हूटिंग में मुख्य टार्गेट भारत-पाक मैच के नतीजे को बनाया गया है। एक तरफ दोनों देश के जवान अपना दम दिखा रहे हैं, वहीं दर्शक दीर्घा में बैठे लोग सामने सामने को कोसने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ते।
करीब आधे घंटे तक चलती है प्रक्रिया
फिर अंत में भारत देश का जवान तिरंगा उतारते समय पाकिस्तान सीमा में चला जाता है और पाकिस्तानी सीमा से एक जवान अपने देश में आ जाता है। इस तरह दोनों देश के राष्ट्रीय ध्वज आदर सहित उतार लिए जाते हैं तो सेरोमनी खत्म हो जाती है। सुबह ध्वजारोहण में भी यही प्रक्रिया दोहराई जाती है। करीब आधे घंटे तक चलने वाली ये सेरामनी देखने लायक होती है।
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