1962 चीन वार पर आयोजित नेशनल सेमिनार
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पड़ोसी देश चीन के साथ 1962 की लड़ाई में भारत की हार का प्रमुख कारण सैनिक शक्ति नहीं बल्कि देश के राजनीतिक सिस्टम और मिलिट्री लीडरशिप का कमजोर होना था। यह बात शनिवार को विदेश राज्य मंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने कही।
वह पंजाब यूनिवर्सिटी के डिफेंस एंड नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज विभाग की ओर से 1962 चीन वार पर आयोजित नेशनल सेमिनार में हिस्सा लेने पहुंचे थे। सेमिनार में रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि अतीत से सबक लेकर अब भविष्य में ऐसे हालात से दो दो हाथ करने के लिए पुख्ता तैयारी करनी होगी। रक्षा विशेषज्ञों ने माना कि भारत की सीमाओं पर दुश्मन आज भी बुरी नजर लगाए बैठे हैं।
वीके सिंह ने स्पष्ट किया कि 65 युद्ध में जवानों ने दुश्मन के सामने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। लेकिन उस समय की मिलिट्री लीडरशिप की अनदेखी और राजनेताओं के कारण देश को निराशा हाथ लगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश की आर्मी में नियुक्ति के लिए मेरिट और इंटेग्रिटी के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी लड़ाई में सफलता के लिए बेहतर लीडरशिप का होना बहुत जरूरी है। सिंह के अनुसार चीन के साथ युद्ध में कला कौशल कहीं नजर नहीं आया। जवानों को दुर्गम पहाड़ियों पर लड़ने की सही ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। सैनिकों के पास उच्च स्तर के हथियार तक उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इस मौके पर शिव कुणाल वर्मा द्वारा ‘1962 वार दैट वाज नॉट’ किताब का विमोचन भी किया गया।
जनरलों के सहारे नहीं जीते जाते युद्ध: राजेंद्र नाथ
सेमिनार के पैनल में शामिल मेजर जनरल (रिटा) राजेंद्र नाथ ने कहा कि कोई भी युदध सिर्फ जनरलों के सहारे नहीं जीता जा सकता। उन्होंने पड़ोसी देशों से सतर्क रहने की चेतावनी भी दी। नाथ ने कहा कि एक तरफ हिंदी-चीनी भाई भाई का नारा दिया जाता रहा और दूसरी तरफ चीन ने भारत की सीमा पर आक्रमण कर दिया। उन्होंने चीन युद्ध में भारत की तैयारियों को नाकाफी बताया। सेमिनार में ब्रिगेडियर दर्शन सिंह खुल्लर ने कहा कि मिलिट्री लीडरशिप की कमी के कारण चीन युदध में परास्त होना पड़ा। 65 युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले ब्रिगेडियर एजेएस बहल ने उस समय की घटनाओं को सांझा किया। सेमिनार में पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर, डिफेंस स्टडी विभाग के चेयरपर्सन प्रो.राकेश दत्ता और रजिस्ट्रार पजीएस चड्ढा भी मौजूद थे।
फाइलें सार्वजनिक न करना सरकारों का फैसला
जनरल (रि.) वीके सिंह से जब 1965 युद्ध को लेकर गठित कमीशन की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किए जाने का सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले सरकार लेती है। उन्होंने कहा की बीजेपी सरकार ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की सभी फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने कहा कि बेशक हालात पहले जैसे नहीं हैं, लेकिन फिर भी सुरक्षा के मामले में हमें सतर्क रहना होगा।