दुबई एयरपोर्ट पर उन्हें आरोपियों के साथी पाकिस्तानी नागरिक शारद और भारतीय नागरिक अरविंद मिले, दोनों ने उन्हें दुबई में बने एक फ्लैट में ले जाकर रखा। करीब 35 लोग एक ही कमरे में भर दिए गए। एक माह तक किसी भी व्यक्ति को वहां पर काम नहीं दिलाया गया और उनके टूरिस्ट वीजा को भी वर्क परमिट में तबदील नहीं किया गया।
कमरे में जगह कम होने के कारण मजबूरी में कई लोग बाथरूम में ही रात गुजारते थे। इस दौरान जब डेढ़ माह से अधिक समय गुजर गया तो भारतीय लोगों ने फरीदकोट में ट्रैवल एजेंट भाइयों को फोन कर काम दिलाने के लिए जोर डालना शुरू कर दिया। ट्रैवल एजेंट ने 50 हजार रुपये और मांगे। अब पैसे न होने के कारण वह फंस गए हैं।
काम करना है तो पहले केश कटवाओ
बठिंडा के गांव कोठा गुरु का निवासी चमकौर सिंह ने बताया कि उनके साथ कुछ सिख युवा भी थे। जब वह दुबई पहुंचे तो आरोपी शारद और आबिद ने उन्हें कहा कि अगर दुबई में काम करना है तो पहले केश कटवाने होंगे। इंकार करने पर सिख युवाओं को कह दिया गया कि अगर वह केश नहीं कटवा सकते तो भारत लौट जाएं, क्योंकि पगड़ीधारी को दुबई में काम नहीं मिलेगा।
इसके बाद जिन लोगों के पास वापस भारत जाने के लिए टिकट के पैसे थे, उन्होंने टिकट खरीदी और लौट गए। पैसे न होने के कारण उक्त दोनों समेत करीब छह और लोग दुबई में ही धक्के खाने को मजबूर है।
भगवंत मान से लगाई मदद की गुहार
चरनजीत बिट्टा, चमकौर सिंह ने आम आदमी पार्टी के संगरूर से सांसद भगवंत मान से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अकसर उन्होंने देखा है कि किस तरह से विदेशों में फंसे भारतीयों को भगवंत मान मदद कर वापस भारत ले आते हैं। आरोपी ट्रैवल एजेंट पर सख्त कानूनी कार्रवाई समेत अपने परिवारों के पास लौटने को दोनों भारतीय दुबई में मदद का इंतजार कर रहे हैं।
लिखित शिकायत मिलते ही करेंगे कार्रवाई
फरीदकोट के एसएसपी राजबचन सिंह का कहना है कि अभी तक ऐसा मामला उनके ध्यान में नहीं आया है। लिखित शिकायत मिलते ही प्राथमिक जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी, फिर चाहे वह कोई भी क्यों न हो।