जू इंस्पेक्टर श्रीनिवास ने बताया कि अजगर के खाने के लिए बुधवार रात से ही दो मुर्गियां छोड़ी गई थीं लेकिन वह अपनी जगह से हिला तक नहीं। मुर्गियों के लिए बाड़े में दाना भी डाला गया है लेकिन वह डर के मारे एक जगह बैठी हुई हैं।
रेस्क्यू कर लाए गए थे दो इंडियन रॉक पायथन, अब बचा सिर्फ एक
रोहतक चिड़ियाघर में करीब एक साल पहले रेस्क्यू कर दो इंडियन रॉक पायथन लाए गए थे, जिनमें से फिलहाल सिर्फ एक ही बचा हुआ है। दोनों पायथन घायल अवस्था में थे, जिनमें से एक काफी ओल्ड एज भी था। जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
मास्टर ले आउट प्लान की थीम पर तैयार किया जाएगा बाड़ा
जंगली कछुए और पायथन के लिए मास्टर ले आउट प्लान की थीम पर नया बाड़ा तैयार किया जाएगा। यह बाड़ा बिल्कुल जंगल जैसा अनुभव कराएगा। इसमें गर्मियों से बचने के लिए कूलरों और पेड़-पौधों व सर्दियों के लिए हीटर का इस्तेमाल किया जाएगा।
बड़े अजगर को देखने के लिए आए लोग
शहरवासी 15 दिनों तक अजगर को देख सकेंगे। अजगर को पहले दिन चिड़ियाघर में लाने के साथ ही शहरवासियों का तांता लग गया। अजगर को देखने, उसके साथ सेल्फी लेने के लिए युवा उतावले नजर आए।