सिटी ब्यूटीफुल से हैंडबॉल की एबीसीडी सीखी और आज भारतीय हैंडबॉल टीम के कोच बनकर साउथ एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल जीता दिया। साउथ एशियन गेम्स का आयोजन नेपाल के काठमांडू में 1 से 10 दिसंबर तक किया जा रहा है। सोमवार को फाइनल मुकाबले खेले गए।
इसमें भारत की टीम की लड़कियों ने गोल्ड मेडल और लड़कों की टीम ने सिल्वर मेडल जीत लिया। लड़कियों के फाइनल में भारत ने नेपाल को 35-21 से मात दी। स्वर्ण पदक विजेता टीम के कोच सचिन चौधरी और सोना दूबे रहीं, वहीं मुख्य कोच महेंद्र पाल रहे। भारतीय टीम को स्वर्ण पदक जीताने में कोच सचिन चौधरी का बेहतरीन योगदान रहा।
चंडीगढ़ से सफर की शुरुआत
सचिन चौधरी ने 1997 में एक खिलाड़ी के नाते हैंडबॉल खेल की शुरुआत हुई। कोचिंग सेंटर सेक्टर 19 स्कूल के बाद डीएवी स्कूल सेक्टर 8 में हैंडबॉल के सीनियर कोच रविंदर सिंह लाडी से ट्रेनिंग ली। वर्ष 2005 तक चंडीगढ़ से कई नेशनल और स्टेट लेवल की प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए टीम को मेडल जीताने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। इसके बाद एशियन गेम्स में भी खेला। सचिन अब भारतीय रेलवे में काम करते हैं और भारतीय हैंडबॉल टीम के कोच भी हैं।
देश-विदेश में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं टीमें
कोच सचिन चौधरी ने बताया कि भारत की महिला और पुरुष हैंडबॉल की टीमें आज देश ही नहीं विदेशों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं और इंटरनेशनल लेवल पर मेडल बटोरने में लगीं हैं। हैंडबॉल में अब लड़कों से अधिक रुचि लड़कियां दिखा रही हैं।