रेल बजट 2016 में चंडीगढ़ के हाथ कुछ नहीं लगा। 2013 से वाई फाई के दावे किए जा रहे हैं, उसका नाम तक सुनने को नहीं मिला। तीन साल का वक्त गुजर जाने केबाद भी यात्रियों को यह सुविधा नहीं मिल पाई है। पिछले वर्ष रेल बजट में स्टेशन की गुणवत्ता के सुधार के वादे किए गए थे जो पूरे नहीं हुए हैं।
इस तरह की स्थिति में चंडीगढ़ केयात्रियों के लिए कोई भी सुविधा रेल बजट में नहीं मिली है। वर्ष 2013 में रेल बजट में जहां चंडीगढ़ से 12 ट्रेनों का संचालन किया गया था, वहीं इस बार चंडीगढ़ की अनदेखी की गई हैं। वहीं, पुराने प्रोजेक्ट को भी पूरा नहीं किया गया है।
पिछले वर्ष के बजट में स्टेशन पर एसी वेटिंग रूम, मॉडल सिग्नल आईटी हब बनाने, शताब्दी में यात्रियों के लिये बेहतरीन खाना उपलब्ध कराने के लिए शहर में बेस किचन का निर्माण, रेलवे स्टेशन पर डोरमेट्री रूम बनाने, मल्टी लेवल पार्किंग का काम पूरा करने की बात कही गई थी। लेकिन इनमें से एक भी काम पूरा नहीं किया जा सका है।
वहीं इस बार के बजट में चंडीगढ़ को कुछ भीनहीं मिला है। पुराने प्रोजेक्ट पर काम भी नहीं हो पाया है। बजट में इस बार 11 ओवर ब्रिज बनाने का प्लान बनाया गया है। वहीं राजपुरा से मोहाली को ट्रैक से जोड़ा जाएगा।
स्क्रीन पर देखा गया लाइव रेल बजट
रेलवे स्टेशन पर पहली बार लाइव बजट का प्रसारण के लिये टीवी लगाया गया था। इस दौरान यहां पर बजट को देखने के लिए यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा। बजट के दौरान किसी ट्रेन की घोषणा नहीं होने पर यात्रियों को हताशा हाथ लगी है। यात्रियों को उम्मीद थी कि यहां से लोगों के हरिद्वार के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। वह भी यहां से नहीं चली। इससे यात्रियों को समस्या हो रही है।
यात्री सहायक बनाये जाने पर कुलियों ने जताई खुशी
रेलवे स्टेशन पर बजट के दौरान कुलियों को यात्री सहायक कहा जायेगा। इसके लिए रेलवे कुलियों को प्रशिक्षण देगा। चंडीगढ़ स्टेशन के कुलियों ने इस पर खुशी जताई है।
रेलवे बजट में यात्रियों को बेहतरीन सुविधा दी जाएगी। इसके लिए सैंक्शन प्रोजेक्ट जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे।
- दिनेश कुमार, डीआरएम, अंबाला डिवीजन