खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार, कॉरिडोर के रास्ते आवागमन शुरु होने से पहले पंजाब में ऐसे तत्वों पर नजर रखी जा रही है, जो गरमपंथियों और अलगाववादियों के हिमायती रहे हैं और इस धार्मिक यात्रा की आड़ में फिर से अलग राज्य की मांग को हवा देने की कोशिश कर सकते हैं।
राज्य पुलिस को इसके लिए चौकन्ना किया गया है और आने वाले कुछ हफ्तों में ऐसे तत्वों की एहतियातन गिरफ्तारी के साथ-साथ यह भी यकीनी बनाया जाएगा कि श्रद्धालु को रूप में ऐसे व्यक्ति पाकिस्तान न जा सकें।
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान समर्थकों द्वारा भारतीय पंजाब में नशे की सप्लाई के कई मामले उजागर होने और श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारे के दर्शन के लिए गए भारतीय श्रद्धालुओं को जिस तरह खालिस्तान के हक में उकसाने की कोशिश की गई, उसे लेकर खुफिया एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि आगामी 4 नवंबर से इसी कॉरिडोर के रास्ते सिख श्रद्धालुओं की प्रस्तावित यात्रा के दौरान आईएसआई और खालिस्तान समर्थक अलग सिख सूबे की मांग को हवा देने की कोशिश करेंगे।
इसका मुख्य कारण यह भी है कि पाक की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में उन्हीं सिखों का वर्चस्व है, जो आतंकवाद के दौर में भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे हैं। पवित्र श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारे में खालिस्तान समर्थक बैनर लहराए जाने की घटना भी सामने आ चुकी है।