पूर्व कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने धारा 370 को खत्म करने का संकल्प संसद से पारित होने का दोबारा स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वह अपने स्टैंड पर कायम हैं। जिस दिन संसद में अनुच्छेद 370 को हटाने का संकल्प पेश हुआ था, उसी दिन उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर सबसे पहले अपना रुख स्पष्ट कर करते हुए फैसले का समर्थन किया था।
दीपेंद्र का कहना है कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पूरी कार्यसमिति को देश की भावनाओं से अवगत करा चुके हैं। सरकार की पूर्णतय ये जिम्मेदारी है कि 370 हटाने के फैसले का क्रियान्वयन तानाशाही से नहीं, समझदारी, विश्वास और शांति के माहौल में हो।
देशहित में सरकार को इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि लोकतंत्र में सहमति और भरोसे से आगे बढ़ने के प्रयास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। सभी मुख्यधारा के दलों को बातचीत का हिस्सा बनाना चाहिए। 21वीं सदी में अनुच्छेद 370 का कोई औचित्य नहीं है और इसको हटाना उचित कदम है।