पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए नव वर्ष का प्रथम सप्ताह एक शुभ समाचार लेकर आया है। भारतीय इतिहास शोधकर्ता सुरेंद्र कोछड़ की ओर से पाकिस्तानी हिंदुओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए की जा रही जद्दोजहद के चलते पाकिस्तानी हिंदू लड़कियों को बहुओं के रूप में अपनाने के लिए जिला सहारनपुर के गांव मिरगपुर के हिंदू आगे आए हैं।
गांव मिरगपुर के गुज्जर हिंदू परिवारों से मिलने के बाद सुबह अमृतसर लौटे कोछड़ ने पत्रकारों को बताया कि पाकिस्तान में प्रतिदिन हो रहे हिंदू युवतियों के धर्मांतरण व बलात्कार की घटनाओं का मामला मीडिया की मार्फत प्रकाश में लाने के बाद देवभूमि हरिद्वार के संतों ने इस के हल की जिम्मेदारी ली है।
संतों ने किया इस पहल के लिए प्रेरित
श्री कृष्णायन गोलोक धाम ऋषिकेश, भागीरथी धाम हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वर देव, स्वामी कमलानंद, स्वामी आत्मा नंद व स्वामी हरि ओम आनंद की ओर से उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हिंदुओं को इस मामले में प्रेरित किया गया।
इस पर जिला सहारनपुर के गांव मिरगपुर के हिंदू परिवारों ने पाकिस्तानी हिंदू लड़कियों को बहुओं के रूप में अपनाने का फैसला लिया है। कोछड़ ने बताया कि गांव मिरगपुर के हिंदुओं की पहल से पाकिस्तानी हिंदुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
मिरगपुर के हिंदुओं ने यह भी विश्वास दिलाया है कि पाकिस्तान से विवाह करके उनके गांव लाईं गई बहुओं को वे अपनी बेटियों के समान प्यार व सम्मान देंगे।
गुज्जर बाहुल्य मिरगपुर है अनूठा गांव
कोछड़ के मुताबिक बाबा फकीरादास की तपोस्थली गांव मिरगपुर अपने आप में एक अनूठा गांव है। यहां 10 हजार के करीब गुज्जर हिंदू रह रहे हैं और चारों ओर बहुल मुस्लिम आबादी वाले गांवों से घिरे उक्त मिरगपुर में विगत 400 वर्षों से कभी लहसुन, प्याज, तंबाकू, मांस, मदिरा का इस्तेमाल नहीं किया गया। यहां सात्विक आहार के अतिरिक्त किसी अन्य वस्तु के सेवन पर सख्त मनाही है।
बंगा के मोनू बनेंगे बिचौला
कोछड़ ने बताया पाकिस्तानी हिंदू युवतियों से शादी के इच्छुक भारतीय लड़कों की पूरी जानकारी उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराने से लेकर युवतियों के वीजा तक की जिम्मेदारी जिला नवांशहर की तहसील बंगा के मनमिंद्र कुमार मोनू ने ली है।
मोनू यह सेवायें नि:शुल्क देंगे। कोछड़ के साथ गांव मिरगपुर के हिंदू परिवारों से मिलकर लौटे मोनू ने विश्वास दिलाया है कि पाकिस्तान से बहुओं के रूप में भारत आने वाली हिंदू बेटियों को यहां पर किसी किस्म की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।