पंजाब में पंजाबी व हिंदी बोली के मुद्दे पर काफी चर्चा हो रही है। कोई पंजाबी को पहले नंबर पर रख रहा है और कोई हिंदी को भारत की मुख्य भाषा बता रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब गायक गुरदासमान के बयान पर देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी काफी हो-हल्ला हुआ था। इस मुद्दे को लेकर क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी अपना पक्ष रखा है।
हरभजन सिंह एक प्रोग्राम में शिरकत करने जालंधर पहुंचे थे। उनका कहना है कि हमारे यहां एक देश, एक संविधान व अनेक भाषाएं हैं। वह सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं। पंजाबी होने के नाते मेरी मातृ भाषा पंजाबी है लेकिन मैं हिंदी भाषा का भी सम्मान करता हूं। मैं एक हिंदुस्तानी हूं तो मुझे हिंदी भी लाजमी आनी चाहिए।
मैं इस बहस में नहीं पड़ना चाहता हूं कि पंजाबी पहले है या हिंदी पहले है। सबसे पहले हम हिंदुस्तानी हैं। उन्होंने कहा कि आप अपनी सहूलियत के हिसाब से जुबान का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन आपको हर जुबान आनी चाहिए। इस मुद्दे पर बहस नहीं होनी चाहिए कि पंजाबी पहले है, हिंदी पहले है या फिर अंग्रेजी पहले है। मेरा मानना है कि इस मुद्दे पर बहस नहीं होनी चाहिए।