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खुलासाः आईएसआई तक पहुंच चुकी हैं गोला-बारूद, ट्रेनिंग सेंटर, बीएसएपफ कैंप की जानकारियां

Sat, 22 Sep 2018 10:21 AM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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जांच पड़ताल में ऐसा खुलासा हुआ है, जिससे हड़कंप मच जाएगा। दरअसल, आईएसआई तक बीएसएफ और देश में गोला-बारूद से जुड़ी जानकारियां पहुंच चुकी हैं। हनी ट्रैप में फंसा बीएसएफ का जवान पिछले दो साल से कथित महिला से व्हाट्सएप चैटिंग के दौरान इन जानकारियों को शेयर कर रहा था।

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खुद को डिफेंस रिपोर्टर बताने वाली कथित महिला वर्ष 2016 से फेसबुक व व्हॉटसएप के जरिए जवान के संपर्क  में थी। कुछ संदिग्ध इनपुट मिलने के बाद बीएसएफ का यह जवान चंडीगढ़ वेस्टर्न कमांड स्थित सैन्य खुफिया एजेंसी के राडार पर था। सैन्य सूत्रों ने बताया कि जवान अभी तक कई अहम व गोपनीय सूचनाएं शेयर कर चुका है।

जिनमें बीएसएफ यूनिट की ऑपरेशनल डिटेल, पुलिस अकादमी की जानकारी, ट्रेनिंग सेंटर, अपनी यूनिट की लोकेशन, डिटेल ऑफ एम्युनेशन और बीएसएफ कैंप की फोटो व वीडियो शामिल हैं। सेना ने जवान द्वारा भेजे गए कुछ वीडियो और चित्र भी बरामद कर लिए हैं। जो कि ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का उल्लंघन है, क्योंकि ये जानकारियां देश की सुरक्षा से जुड़ी  गोपनीय सूचनाएं हैं।

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जवान का नेटवर्क, बैंक खाते खंगालेगी सेना

BSF
हनी ट्रैप में फंसकर गोपनीय जानकारियां शेयर करने वाले जवान का पूरा नेटवर्क खंगाला जाएगा। जवान के बैंक अकाउंट की भी पूरी जांच की जाएगी।

कई महत्वपूर्ण बिंदू तैयार किए गए हैं, जिस पर गहनता से जांच शुरू हो चुकी है। इनमें ये पता किया जाएगा कि जवान के नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग हैं, जवान को किस तरह की लालच दी गई, क्या उसे सूूचनाएं शेयर करने का पैसा मिला, आईएसआई को भेजी गई गोपनीय सूचनाओं से अभी तक क्या नुकसान हो चुका है।

सेना व एटीएस ने जवान का तमाम डटा भी सीज़ कर जांच की जद में ले लिया है। दूसरा, सेना ये भी पता लगाने में जुटी है कि क्या पकड़े गए जवान ने बीएसएफ के अतिरिक्त सेना से जुड़ी जानकारियां तो नहीं शेयर की। उधर, एटीएस यूपी भी रिमांड पर चल रहे इस बीएसएफ जवान को पूरी तरह से खंगाल रही है।
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