चंडीगढ़। एक ही किडनी के सहारे ओलंपिक तक का सफर तय करने वाली अंजू बॉबी जॉर्ज का कहना है कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक आने के बाद भारतीय एथलीट्स का मनोबल बढ़ा है और सरकार भी अब इंफ्रास्टक्चर और ट्रेनिंग के लिए दिल खोल कर पैसा खर्च कर रही है। भारत की पूर्व स्टार एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज बुधवार को डीएवी कॉलेज में थीं।
उन्होंने कहा कि एथलेटिक फेडरेशन खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए कई चैंपियनशिप का आयोजन कर रही है। इसके तहत ट्रेनिंग सेशन भी लगाए जा रहे हैं और तकनीकी रूप से भी एथलीट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है। एथलेटिक फेडरेशन की वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा कि आने वाला समय भारतीय एथलेटिक्स का है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और पदक लाने के लिए एथलीट उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड के बाद कॉलेज में एक साथ सैकड़ों स्टूडेंट्स को देखकर खुशी हुई। उन्होंने यहां बनी शूटिंग रेंज में फायर भी किए। उन्होंने खेलो को लेकर डीएवी कॉलेज के द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। इस मौके पर प्रिंसिपल डॉ. पवन शर्मा व एथलेटिक फेडरेशन के सचिव व डीएवी कॉलेज के फिजिकल एजुकेशन विभाग के प्रमुख रविंदर चौधरी ने अंजू को कॉलेज की खेल नीति के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कॉलेज का सालाना खेल बजट एक करोड़ रुपये है। अंजू बॉबी जॉर्ज ने चंडीगढ़ एथलेटिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। इनमें एसोसिएशन के सचिव जसपिंदर सिंह वरिष्ठ उप प्रधान रमेश व कोषाध्यक्ष नीरू मालिक शामिल थीं।