आंतकियों का सामना करने के लिए भारतीय सेना ने पंजाब की स्वैट (स्पेशल वेपन एंड टेक्टिस) टीम को ‘घातक’ ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है। ‘घातक’ एक ऐसा प्रशिक्षण है जिसके तहत फौज के जवानों को प्रशिक्षण देकर आतंकवाद से लड़ने के लिए तैयार किया जाता है। लेकिन अब इस ट्रेनिंग की जरूरत पंजाब पुलिस के लिए भी महसूस की जा रही थी।
सूत्रों की मानें तो उच्च अधिकारियों की मंजूरी के बाद यूटी पुलिस के कर्मियों को भी यह ट्रेनिंग दी जा सकती है। पंजाब की स्वैट टीम को सेना ने ‘घातक’ की ट्रेनिंग 15 फरवरी से शुरू कर दी है। सेना और पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने एक बैठक में इस ट्रेनिंग का फैसला लिया है।
इसके लिए बाकायदा पंजाब पुलिस के एडीजीपी (एचआरडी) एमके तिवाड़ी और भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के इंचार्ज (प्रशिक्षण) मेजर जनरल एमपी सिंह के बीच बैठक हुई थी। जिसमें ‘घातक’ नाम की इस ट्रेनिंग के लिए सहमति बनी है। पंजाब पुलिस के अधिकारी और कर्मी भविष्य में पठानकोट या दीनानगर जैसे आतंकी हमलों से आसानी से निपट सकें, इसके लिए ‘घातक’ नाम के प्रशिक्षण को जरूरी बताया जा रहा था। बता दें कि कुछ दिन पहले हुए आतंकी हमलों में पंजाब पुलिस के कई जवान शहीद हो गए थे।
पहले चरण में 84 अधिकारियों को प्रशिक्षण
पंजाब पुलिस के स्वैट अधिकारियों को कई चरणों में यह ट्रेनिंग दी जाएगी। सेना पहले चरण में 84 अधिकारियों को दो हफ्ते की विशेष ट्रेनिंग देगी।
इन इलाकों में मिलेगा प्रशिक्षण
सेना ने पंजाब के कुछ प्रमुख हिस्से वाले स्टेशनों में ट्रेनिंग की शुरुआत की है। इनमें जालंधर, पठानकोट, जीरकपुर, नाहन सहित कुछ अन्य स्टेशन शामिल हैं। इन स्थानों पर स्वैट टीम के कर्मियों और अधिकारियों की ट्रेनिंग चल रही है। बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ के आला पुलिस अधिकारियों को भी इस ट्रेनिंग में शामिल किया जा सकता है। लेकिन इसमें अभी वक्त लगेगा।
क्षमता में होगी वृद्धि
पंजाब पुलिस के एडीजीपी (एचआरडी) एमके तिवारी ने कहा कि इंडियन आर्मी के ट्रेनर पंजाब पुलिस के कर्मियों को विस्फोटकों से बचने और उसे निष्क्रिय करने, तोड़फोड़ विरोधी कार्रवाई से निपटने के अलावा अन्य फिजिकल और तकनीकी ट्रेनिंग देंगे। इससे पंजाब पुलिस की क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही पुलिस और सेना की सुरक्षा एजैंसियों के बीच तालमेल और सहयोग बढे़गा।