चंडीगढ़ में उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी पाया और ब्याज समेत पैसै लौटाने का निर्देश दिया। अब कंपनी को शिकायतकर्ता को पॉलिसी की टर्म एंड कंडीशन के अनुसार ब्याज की गणना कर 59 हजार 389 रुपये वापस करने का निर्देश दिया है।
साथ ही उक्त राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी अदा करना होगा। 10 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता विनोद कुमार भाटिया निवासी सेक्टर-48 ए चंडीगढ़ ने सेक्टर-8 सी चंडीगढ़ स्थित आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के मैनेजर और मुंबई स्थित आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के कस्टमर केयर के वाइस प्रेजिडेंट के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि उन्होंने उक्त बीमा कंपनी से 25 अप्रैल 2002 को 50 हजार रुपये की एक पॉलिसी खरीदी। इसकी मेच्योरिटी 25 अप्रैल 2007 को थी। 25 अप्रैल 2007 को मैच्यूरिटी अमाउंट 59 हजार 384 रुपये हो गया।
बीमा कंपनी से बात होने पर उस पॉलिसी को 25 अप्रैल 2014 तक कर दिया गया। मैच्यूरिटी डेट 25 अप्रैल 2014 से डेढ़ महीना पहले शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी से संपर्क किया तो पॉलिसी ही ट्रेस नहीं हुई। उनकी राशि नहीं मिली। बीमा कंपनी ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।