गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में सभी राजनीतिक दलों की नजर एक वर्ग के वोट बैंक पर गड़ी हुई है, जिसमें तीन लाख वोटर हैं। ये मौजूदा और पूर्व सैनिकों का वोट बैंक, जो चुनाव के लिए काफी अहम है। गुरदासपुर लोकसभा सीट के अधीन आते जिला गुरदासपुर व पठानकोट में करीब तीन लाख से अधिक वोटर सैन्य परिवारों के हैं। सभी राजनीतिक दलों की नजर इस वोट बैंक पर है। गुरदासपुर लोकसभा हलके में 15 लाख से अधिक वोटर हैं।
अंतर्राष्ट्रीय बार्डर के साथ सटे दोनों जिलों में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक अपने परिवारों के साथ रहते हैं। इसके अलावा कई मौजूदा सैनिकों के परिवार भी निवास करते हैं। पूर्व सैनिकों और मौजूदा सैनिकों के करीब 60-60 हजार परिवार हैं। औसतन तीन सदस्य एक परिवार में भी हों तो। इनका वोट बैंक तीन लाख से अधिक हो जाता है। गुरदासपुर लोकसभा सीट का यह करीब पांचवां हिस्सा है। यह वोटर किसी भी उम्मीदवार को चुनाव जिताने में बेहद अहम रोल अदा कर सकता है।
सैन्य वोट बैंक को देखकर ही आम आदमी पार्टी ने सुरेश खजुरिया को अपना उम्मीदवार बनाया है। सुरेश खजुरिया सेना से मेजर जनरल रिटायर हैं। आल इंडिया एक्स सर्विस मैन लीग और शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के प्रधान रिटायर्ड कर्नल सागर सिंह सलारिया का कहना है कि गुरदासपुर उपचुनाव में पूर्व और मौजूदा सैनिक खास रोल अदा करेंगे। उन्होंने किसी भी राजनीति दल का समर्थन करने से इंकार किया। पूर्व सैनिक व सैनिक परिवार उसी उम्मीदवार का साथ देंगे जो उनका सम्मान करेगा।