नापाक इरादों के साथ देश में घुसे आतंकियों से हुई मुठभेड़ में भारत मां का एक और वीर सपूत कुर्बान हो गया। यह बहादुर सिपाही 10 सिख रेजीमेंट का जवान था।
नाम है मनजिंदर सिंह, जो पंजाब के मानसा जिले के गांव बनवाला का रहने वाला है। मनजिंदर का जन्म 25 अप्रैल 1995 को हुआ था और 14 नवंबर 2017 को वह देश के लिए शहीद हो गया। मनजिंदर की शहादत की खबर उसके गांव तक पहुंच गई है। जैसे ही खबर पहुंची गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
शहीद की मां कर्मजीत कौर का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग उन्हें सांत्वना देने के लिए जुटने लगे हैं। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले के हलनू गांव में आतंकियों से मुठभेड़ में मजिंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
मनजिंदर सिंह नेशनल स्तर का कबड्डी व कुश्ती का खिलाडी था। करीब ढाई वर्ष पहले 11 जून 2015 को ही भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। शहीद का बड़ा भाई भूपिंदर सिंह भी सैनिक है और मौजूदा समय में पठानकोट में तैनात है। दो भाई अभी तक अवविवाहत थे। शहीद अपने पीछे बजुर्ग माता पिता को छोड़ गया है।
उसके पिता गांव बनावाला में ही खेती करते हैं और परिवार का पालन पोषण करते हैं। गांव निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि शहीद सैनिक मनजिंदर का शव बुधवार देर रात तक उसके पैतृक गांव बनावाला में पहुंचने की संभावना है और उसका अंतिम संस्कार वीरवार को सरकारी सम्मान के साथ किया जाएगा।