भारतीय सेना की हिसार स्थित आर्मी मेडिकल कोर की बटालियन नंबर 433 में तैनात हवलदार अशोक कुमार की ड्यूटी के दौरान हृदयगति रुकने से मौत हो गई। बुधवार को तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर लेकर उनकी बटालियन के जवान शहर की वकील कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया।
इस दौरान लोगों, परिजनों ने भारत माता की जय और वंदेमातरम के नारे भी लगाए। बाद में उनके शव को पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्वर्ग आश्रम ले जाया गया, जहां सेना के जवानों ने उन्हें सलामी दी। जानकारी के अनुसार, हिसार स्थित आर्मी कैंट में हवलदार के पद पर तैनात मूल रूप से चरखी दादरी के तिवाला गांव निवासी 48 वर्षीय अशोक कुमार गत 30 जनवरी को ही अपनी छुट्टी पूरी कर वापस गए थे।
ड्यूटी के दौरान उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई तो दिल्ली स्थित सेना के अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां उपचार के दौरान उन्होंने मंगलवार दोपहर बाद दम तोड़ दिया। बुधवार को उनके निधन का समाचार शहर के लोगों को मिला तो दुख की लहर दौड़ गई।
बड़ा बेटा भी सेना में तैनात है
काफी संख्या में विभिन्न सामाजिक संगठनों व राजनीतिक दलों के लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने वकील कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंचने लगे। देर शाम सेना के जवान जैसे ही हवलदार अशोक का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर लेकर उनके आवास पर पहुंचे तो लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। परिजनों के अलावा सैकड़ों की संख्या में शहर के लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए और उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उन्हें अंतिम संस्कार के लिए सेना के जवान रूपाणा रोड स्थित स्वर्ग आश्रम लाए, जहां जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। आर्मी कोर मेडिकल की बटालियन नंबर 433 से आए कर्नल एसएस शिवा कुमार ने बताया हवलदार अशोक इसी वर्ष मई महीने में सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके पारिवारिक लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, वे अपने पीछे पत्नी ज्ञयानता सैन के अलावा दो बेटों को छोड़कर गए हैं।
उनके बड़े पुत्र अतुल कुमार भी भारतीय सेना में तैनात है और वर्तमान में वे लखनऊ में अंडर ट्रेनिंग हैं, जबकि दूसरा बेटा विनय अभी पढ़ाई कर रहा है।