असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो तुम, कहां खामियां रह गईं, इस पर विचार करो तुम, आगे बढ़ते चलो तुम, सफलता जरूर तुम्हें मिलेगी। फिर उस नई सफलता के साथ परचम लहराए चलो तुम कविता सुनाकर बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। जनरल बिपिन रावत शनिवार को डुगरी स्थित सतपाल मित्तल स्कूल के आडीटोरियम में नेहरू सिद्धांत केंद्र की ओर से आयोजित सतपाल मित्तल नेशनल अवार्ड 2018 के समागम में बतौर मुख्य अतिथि हाजिर हुए थे।
उन्होंने अवार्ड बांटे और स्कूली बच्चों को संबोधित किया। जनरल रावत ने अपने स्कूली समय में टीचर की ओर से सुनाई जाने वाली कविता भी बच्चों को सुनाई और बताया कि वह असफलता से न डरें। उन्होंने बच्चों से कभी मेहनत करने के बावजूद सफलता नहीं मिलती तो वह असफलता से डरे नहीं, बल्कि हमेशा असफलता से शिक्षा लेनी चाहिए। खुद पर और सिस्टम पर विश्वास रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा लेकर बच्चे देश के अलग अलग हिस्सों में जाकर डाक्टर, इंजीनियर बन कर तो समाज की सेवा करेंगे। साथ ही कुछ ऐसे बच्चे भी होंगे, जो बड़े होकर भारतीय सेना में शामिल होंगे। भारतीय सेना ऐसे बच्चों के स्वागत के लिए हमेशा तैयार रहेगी।