बहुचर्चित रेवाड़ी गैंगरेप केस की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें आरोपियों के बारे में कई सच सामने आए। पुलिस ने पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद कोर्ट में आरोपी दीनदयाल व डॉ. संजीव पर लगे आरोपों पर बहस हुई। पुलिस ने केस डायरी कोर्ट के सामने रखी।
इसके बाद दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले में सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी निशु, पंकज फौजी, मनीष, कोठड़े का मालिक दीनदयाल व डॉ. संजीव को कोर्ट में पेश किया। इसके अलावा जमानत पर चल रहे निक्कू उर्फ नवीन, मंजीत व अभिषेक भी कोर्ट में उपस्थित रहे।
कनीना थाने के तत्कालीन एसएचओ अनिरुद्ध ने कोर्ट के सामने केस डायरी रखी। जिसके बाद दोनों पर लगे आरोपों को तय करने पर बहस शुरू हुई। आरोपी दीनदयाल के वकील राकेश लांबा व डॉक्टर संजीव के वकील अरविंद यादव ने दोनों पर लगे आरोपों का विरोध किया।
आईपीसी की धारा 118 के तहत आरोप नहीं बनते
रेवाड़ी गैंगरेप
वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों पर आईपीसी की धारा 118 के तहत आरोप नहीं बनते। वकील राकेश लांबा ने दलील दी कि कोठड़ा दीनदयाल के नाम पर नहीं है। कोठड़े के चाबी भी पुलिस जांच में बरामद नहीं हुई है। मौके पर दीनदयाल नहीं था। इसलिए उसके ऊपर आरोप नहीं बनते।
वकील अरविंद यादव ने दलील दी कि डाक्टर ने तो पीड़िता की मदद की। इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी थी। जिसका सरकारी वकील जोगमणी ने विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि दोनों को मामले की जानकारी थी लेकिन पुलिस को जानकारी न देकर दोनों ने आरोपियों की मदद की। ऐसे में दोनों पर आरोप बनते हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अधिवक्ता राकेश लांबा ने बताया कि डॉ संजीव व दीनदयाल पर आईपीसी की धारा 118 के तहत आरोप नहीं बनते हैं। वहीं, जांच अधिकारी ने चार्जशीट में लगे आरोपों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली और 31 अक्तूबर को फैसला सुनाएगी।
ये है मामला
बता दें कि 12 सितंबर को कनीना में छात्रा से तीन युवकों ने गैंगरेप किया था। एसआईटी ने इस मामले में आठ आरोपियों को अरेस्ट किया था। जिसमें मुख्य आरोपी निशु, पंकज फौजी व मनीष शामिल है। इसके अलावा दीनदयाल, डॉ. संजीव, निक्कू उर्फ नवीन, अभिषेक व मंजीत भी आरोपी है। मामले में आरोपी नवीन, मंजीत व अभिषेक को जमानत मिल चुकी है।