नीले आसमान ने शनिवार को वायुसेना का पराक्रम देखा। 80 से अधिक विमानों की गर्जना और हैरतअंगेज करतबों ने हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया। राफेल, प्रचंड, और लडूाकू विमानों की ताकत का नजारा जिसने भी देखा दंग रह गया। मुंह से बस यही निकला, अद्भुत, अद्वितीय...अकल्पनीय।
हिंडन एयरबेस से बाहर पहली बार वायुसेना का 90वां स्थापना दिवस चंडीगढ़ की सुखना लेक पर मनाया गया। वायुसेना के आठ एयर स्टेशनों से आए 100 से अधिक विमानों ने अपना लोहा मनवाया। इन गौरवशाली लम्हों के साक्षी स्वयं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बने। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित समेत एयर फोर्स के प्रमुख वीआर चौधरी भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
सुखना लेक पर 2.30 से 5.30 बजे तक चले एयर शो में एयरक्राफ्ट ने समा बांधे रखा। आकाश गंगा से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसमें वायु सेना के 8 जवानों ने 8 हजार फुट की ऊंचाई से आसमान से छलांग लगाई और बेहद शानदार तरीके से नीचे उतरे। इन जवानों ने स्वाइव डाइंग की तो दर्शकों ने तालियां बजाकर उनके हौसले को सलाम किया। तीन मिग 17 वी 5 देश का तिरंगा लेकर राष्ट्रपति के सामने से गुजरे और उन्हें सलामी दी।
दुर्गम क्षेत्रों में विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले चिनूक एयरक्राफ्ट ने आसमान की ऊंचाई से सबसे नीचे आकर (जमीन से 30 फुट ऊंचे) अपनी क्षमता प्रदर्शित की। 360 डिग्री तक घूमने वाले इस विमान ने आगे और पीछे दोनों तरफ से उड़ान भरकर खूब तालियां बटोरीं। बाद में दो चिनूक विमान दो भारी तोपों को लेकर आसमान में उड़ते नजर आए तो लोग दंग रह गए।
दुश्मनों के घर में घुसकर मार करने वाले लड़ाकू विमान तेजस, राफेल, जगुआर और एपाचे, मिग 29 की गर्जना ने लोगों में देशभक्ति का जज्बा भर दिया। जंगल में आग लगने पर कैसे वायुसेना आग पर काबू पाती है, उसको भी बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित किया गया। एयर शो के अंत में एक साथ आठ से दस विमानों ने एक साथ तेजगति से उड़ानभर सूर्यकिरण का शानदार प्रदर्शन कर लोगों को रोमांच से भर दिया।
हथियार प्रणाली शाखा के निर्माण को मंजूूरी
इससे पहले सुबह वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने एयरफोर्स की 90 वीं वर्षगांठ के अवसर पर कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर यह घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है कि सरकार ने भारतीय वायु सेना में अधिकारियों के लिए एक हथियार प्रणाली शाखा के निर्माण को मंजूरी दे दी है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने कहा कि हमें अपने पूर्ववर्तियों की कड़ी मेहनत, लगन और दूरदृष्टि से गौरवशाली विरासत मिली है। इस कोर्स को चार्टर्ड करने वाले हमारे दिग्गजों के योगदान को स्वीकार करने का अधिकार। अब भारतीय वायुसेना को शताब्दी दशक में लाने की जिम्मेदारी हम पर है।
अग्निवीरों के लिए बदली परिचालन प्रशिक्षण पद्धति
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी परिचालन प्रशिक्षण पद्धति को बदल दिया है कि प्रत्येक अग्निवीर भारतीय वायुसेना में करियर शुरू करने के लिए सही कौशल और ज्ञान से लैस हो। इस साल दिसंबर में, हम शुरुआती प्रशिक्षण के लिए 3,000 अग्निवीर वायु को शामिल करेंगे। आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी।
अगले साल भर्ती होंगी महिलाएं
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हम अगले साल से महिला अग्निशामकों को शामिल करने की भी योजना बना रहे हैं। बुनियादी ढांचे का निर्माण प्रगति पर है।
एयरफोर्स को मिली नई वर्दी
शनिवार को एयर फोर्स को नई कॉम्बैट ड्रेस भी मिली। वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया, नई वर्दी ऑपरेशन के मुताबिक ही बनाई गई है, जो युद्ध लड़ने में मदद करेगी। पहाड़ी क्षेत्र, रेगिस्तान या जंगल में ऑपरेशन के दौरान यह वर्दी अदृश्य हो जाती है। इससे सैन्य अभियानों को अंजाम देते समय सुरक्षा मिलती है। इसके कपड़े और जूते हल्के हैं।
बेटियां उड़ा रहीं फाइटर प्लेन उन्हीं के साथ बढ़ेगा देश : मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बेटियां भी अब सीमा पर देश की रक्षा कर रही हैं। फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं। कारोबार में नाम कमा रही हैं, इसलिए समाज का कर्त्तव्य है कि बेटियों को भी बेटों के समान पढ़ाएं और आगे बढ़ाएं, तभी देश आगे बढ़ेगा। एयर शो देखने के बाद पंजाब के राजभवन पहुंचीं राष्ट्रपति ने कहा, लोगों की सोच बदली है और बेटा-बेटी को एक समान माना जाने लगा है, इसके बावजूद बेटियों को और मौका देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, हाल ही में ट्रेनी आईएएस ऑफिसर राष्ट्रपति भवन आए थे। 175 में से 52 यानी लगभग 30 प्रतिशत लड़कियां थीं।