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Air Force Day: सुखना पर दिखा वायुसेना का 'प्रचंड', राष्ट्रपति की उपस्थिति में चंडीगढ़ बना जाबांजी का गवाह

Sat, 08 Oct 2022 05:36 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

केंद्र ने भारतीय वायु सेना में अधिकारियों के लिए एक हथियार प्रणाली शाखा के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अगले साल एयरफोर्स में महिला अग्निशामक की भर्ती की भी तैयारी है। चंडीगढ़ में वायुसेना के शौर्य को देखने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सुखना लेक पहुंचे।
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Indian Air Force Day - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नीले आसमान ने शनिवार को वायुसेना का पराक्रम देखा। 80 से अधिक विमानों की गर्जना और हैरतअंगेज करतबों ने हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया। राफेल, प्रचंड, और लडूाकू विमानों की ताकत का नजारा जिसने भी देखा दंग रह गया। मुंह से बस यही निकला, अद्भुत, अद्वितीय...अकल्पनीय। 

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हिंडन एयरबेस से बाहर पहली बार वायुसेना का 90वां स्थापना दिवस चंडीगढ़ की सुखना लेक पर मनाया गया। वायुसेना के आठ एयर स्टेशनों से आए 100 से अधिक विमानों ने अपना लोहा मनवाया। इन गौरवशाली लम्हों के साक्षी स्वयं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बने। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित समेत एयर फोर्स के प्रमुख वीआर चौधरी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। 

सुखना लेक पर 2.30 से 5.30 बजे तक चले एयर शो में एयरक्राफ्ट ने समा बांधे रखा। आकाश गंगा से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसमें वायु सेना के 8 जवानों ने 8 हजार फुट की ऊंचाई से आसमान से छलांग लगाई और बेहद शानदार तरीके से नीचे उतरे। इन जवानों ने स्वाइव डाइंग की तो दर्शकों ने तालियां बजाकर उनके हौसले को सलाम किया। तीन मिग 17 वी 5 देश का तिरंगा लेकर राष्ट्रपति के सामने से गुजरे और उन्हें सलामी दी।
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दुर्गम क्षेत्रों में विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले चिनूक एयरक्राफ्ट ने आसमान की ऊंचाई से सबसे नीचे आकर (जमीन से 30 फुट ऊंचे) अपनी क्षमता प्रदर्शित की। 360 डिग्री तक घूमने वाले इस विमान ने आगे और पीछे दोनों तरफ से उड़ान भरकर खूब तालियां बटोरीं। बाद में दो चिनूक विमान दो भारी तोपों को लेकर आसमान में उड़ते नजर आए तो लोग दंग रह गए। 

दुश्मनों के घर में घुसकर मार करने वाले लड़ाकू विमान तेजस, राफेल, जगुआर और एपाचे, मिग 29 की गर्जना ने लोगों में देशभक्ति का जज्बा भर दिया। जंगल में आग लगने पर कैसे वायुसेना आग पर काबू पाती है, उसको भी बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित किया गया। एयर शो के अंत में एक साथ आठ से दस विमानों ने एक साथ तेजगति से उड़ानभर सूर्यकिरण का शानदार प्रदर्शन कर लोगों को रोमांच से भर दिया।

हथियार प्रणाली शाखा के निर्माण को मंजूूरी

इससे पहले सुबह वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने एयरफोर्स की 90 वीं वर्षगांठ के अवसर पर कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर यह घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है कि सरकार ने भारतीय वायु सेना में अधिकारियों के लिए एक हथियार प्रणाली शाखा के निर्माण को मंजूरी दे दी है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने कहा कि हमें अपने पूर्ववर्तियों की कड़ी मेहनत, लगन और दूरदृष्टि से गौरवशाली विरासत मिली है। इस कोर्स को चार्टर्ड करने वाले हमारे दिग्गजों के योगदान को स्वीकार करने का अधिकार। अब भारतीय वायुसेना को शताब्दी दशक में लाने की जिम्मेदारी हम पर है। 

अग्निवीरों के लिए बदली परिचालन प्रशिक्षण पद्धति

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी परिचालन प्रशिक्षण पद्धति को बदल दिया है कि प्रत्येक अग्निवीर भारतीय वायुसेना में करियर शुरू करने के लिए सही कौशल और ज्ञान से लैस हो। इस साल दिसंबर में, हम शुरुआती प्रशिक्षण के लिए 3,000 अग्निवीर वायु को शामिल करेंगे। आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी। 

अगले साल भर्ती होंगी महिलाएं

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हम अगले साल से महिला अग्निशामकों को शामिल करने की भी योजना बना रहे हैं। बुनियादी ढांचे का निर्माण प्रगति पर है।

एयरफोर्स को मिली नई वर्दी

शनिवार को एयर फोर्स को नई कॉम्बैट ड्रेस भी मिली। वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया, नई वर्दी ऑपरेशन के मुताबिक ही बनाई गई है, जो युद्ध लड़ने में मदद करेगी। पहाड़ी क्षेत्र, रेगिस्तान या जंगल में ऑपरेशन के दौरान यह वर्दी अदृश्य हो जाती है। इससे सैन्य अभियानों को अंजाम देते समय सुरक्षा मिलती है। इसके कपड़े और जूते हल्के हैं। 

बेटियां उड़ा रहीं फाइटर प्लेन उन्हीं के साथ बढ़ेगा देश : मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बेटियां भी अब सीमा पर देश की रक्षा कर रही हैं। फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं। कारोबार में नाम कमा रही हैं, इसलिए समाज का कर्त्तव्य है कि बेटियों को भी बेटों के समान पढ़ाएं और आगे बढ़ाएं, तभी देश आगे बढ़ेगा। एयर शो देखने के बाद पंजाब के राजभवन पहुंचीं राष्ट्रपति ने कहा, लोगों की सोच बदली है और बेटा-बेटी को एक समान माना जाने लगा है, इसके बावजूद बेटियों को और मौका देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, हाल ही में ट्रेनी आईएएस ऑफिसर राष्ट्रपति भवन आए थे। 175 में से 52 यानी लगभग 30 प्रतिशत लड़कियां थीं।

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हरियाणा के राज्यपाल के प्रोटोकाल पर विवाद
सुखना लेक पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंजाब के राज्यपाल को राष्ट्रपति के साथ वाली कुर्सी और हरियाणा के राज्यपाल को एयरफोर्स के अधिकारी व उनकी पत्नी के बाद वाली कुर्सी पर बिठाया गया। हरियाणा सरकार को यह व्यवस्था खटक रही है और केंद्र सरकार को सूचित किया है। राष्ट्रपति सचिवालय के प्रोटोकाल के मुताबिक पहले नंबर पर राष्ट्रपति, दूसरे पर उपराष्ट्रपति, तीसरे पर प्रधानमंत्री और चौथे पर राज्यपाल को रखा गया है। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल का कहना है कि कार्यक्रम वायुसेना का था। जिनका कार्यक्रम होता है, वही मुख्य अतिथि के दाएं-बाएं बैठते हैं क्योंकि वो ब्रीफ करते हैं। 

मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं पहुंचे, राज्यपाल ने उठाए सवाल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शाम को राजभवन में सिविक रिसेप्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान हरियाणा और पंजाब के राज्यपाल, केंद्रीय राज्यमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री समेत तमाम वीवीआईपी उपस्थित रहे, लेकिन सभी कार्यक्रमों से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान नदारद रहे। इस पर पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने सवाल उठाया है। पंजाब राजभवन में शाम छह बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंच से बनवारीलाल पुरोहित ने कहा कि हरियाणा की तरफ से राष्ट्रपति का अभिनंदन करने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री और राज्यपाल उपस्थित हैं लेकिन पंजाब और चंडीगढ़ की तरफ से वह राष्ट्रपति का धन्यवाद करेंगे। इसके बाद उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री को भी न्योता दिया गया था जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया लेकिन उनकी कोई मजबूरी होगी जिसकी वजह से वह नहीं आ पाए। हालांकि कितना भी जरूरी काम हो राष्ट्रपति की मौजूदगी में उनका आना सांविधानिक जिम्मेदारी थी। बनवारीलाल पुरोहित जिस समय ये बातें कह रहे थे मंच पर राष्ट्रपति भी बैठी हुईं थीं। ऑडिटोरियम में पंजाब के कई मंत्री और विधायक भी बैठे हुए थे। राज्यपाल के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई। विधानसभा सेशन के मुद्दे पर पहले भी पंजाब के मुख्यमंत्री और राज्यपाल आमने-सामने हो चुके हैं।

मान का नहीं पहुंचना पंजाब का दुर्भाग्य : जीवन गुप्ता
राष्ट्रपति के कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नहीं पहुंचने पर पंजाब भाजपा के नेता जीवन गुप्ता ने कहा कि भगवंत मान कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचे, ये बहुत बड़ा सवाल है। जितना मर्जी वह व्यस्त हों, अगर राष्ट्रपति आई हैं तो उन्हें मौजूद रहना चाहिए था। यह पंजाब का दुर्भाग्य है। कहा कि पंजाब के गांव नशे में डूब रहे हैं और भगवंत मान को इसकी कोई चिंता नहीं है। दूसरे प्रदेशों में जाकर वह झूठे प्रचार कर रहे हैं। पंजाब की कमाई को बाहरी राज्यों में बहा रहे हैं। वह पंजाब को कर्जे से बाहर निकालने की बात कहते थे लेकिन और ज्यादा कर्जे लाद रहे हैं। 

पहले से तय था सीएम भगवंत मान का कार्यक्रम : अमन अरोड़ा
पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सीएम भगवंत मान का कार्यक्रम पहले से तय था। उन्हें सिर्फ सुखना लेक पर होने वाले एयर शो की जानकारी थी। राजभवन में हुए कार्यक्रम के बारे में पता नहीं था। सरकार की तरफ से राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल होने की जिम्मेदारी उनकी लगाई गई है।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने सराहा हरियाणा-पंजाब का सत्कार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरियाणा और पंजाब के सत्कार की प्रशंसा की है। शनिवार शाम को पंजाब राजभवन में गुरुनानक सभागार में उनके स्वागत में नागरिक अभिनंदन समारोह किया गया। इसमें हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय भी पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति को शाल ओढ़ाकर उनका चित्र भेंट किया।

दत्तात्रेय ने कहा कि हरियाणा के लोगों ने सदैव ‘गीता‘ से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्रभूमि की रक्षा के लिए कर्म सिद्धांत व कर्तव्यपरायणता का पालन किया है। हरियाणा को वीरभूमि के नाम से जाना जाता है। हरियाणा देश का मात्र 2 प्रति क्षेत्र और जनसंख्या का ढाई प्रतिशत हिस्सा होते हुए भी भारत की सेनाओं में 10 प्रतिशत स्थान रखता है। हरियाणा के लोग अपने आपको धन्य महसूस कर रहे हैं।

राष्ट्रपति ने हरियाणा की पावन भूमि पर पहुंचकर हम सबका मान बढ़ाया है। प्रदेशवासियों का रोम-रोम पुलकित है। इसके लिए हरियाणा तहदिल से उनका स्वागत करता है। मुर्मू का लंबा सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव रहा है। वह साधारण परिवार में पैदा होकर सर्वोच्च पद तक पहुंची हैं। देश उनके नेतृत्व में और ज्यादा तरक्की करेगा।
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