जीरो लाइन पर बने टेंटों में मीटिंग करते अफसर
करतारपुर कॉरिडोर के मसले पर चर्चा करने के लिए भारत और पाकिस्तान के अफसरों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जीरो लाइन पर साढ़े तीन घंटे बैठक हुई। इसमें दोनों देशों के इंजीनियरों के अलावा सर्वे टीम के सदस्य और विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हुए। डेरा बाबा नानक में सीमा पर हुई इस बैठक में दोनों देशों के बीच कॉरिडोर के निर्माण के तौर तरीकों पर चर्चा हुई।
सीमा पर बाड़ (फेंसिंग), पुल और सड़क के डिजाइन पर भी बातचीत की गई। इस सब के बीच मीडिया को मीटिंग स्थल से दूर रखा गया। बैठक के एजेंडे के बारे में भी कुछ नहीं बताया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ पाकिस्तानी रेंजर्स और भारतीय अधिकारियों के साथ बीएसएफ के जवान थे। दोनों टीमों के दस-दस सदस्य थे।
अब निर्माण कार्य और तेज हो जाएगा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में टर्मिनल की जगह, पाकिस्तान की तरफ से रावी दरिया पर बनने वाले पुल की ऊंचाई और निर्माण में लगने वाले समय, सड़क के डिजाइन और फेंसिंग पर चर्चा की गई। अब इसके बाद पाकिस्तान और भारत में कॉरिडोर निर्माण का कार्य ओर तेज हो जाएगा। दोनों देश 550वें प्रकाश उत्सव से पहले कॉरिडोर को बनाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
बैठक में ये शामिल थे
बैठक में भारत की तरफ से लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी अनिल सक्सेना, चीफ इंजीनियर जेएस संधू, एमईए संदीप कुमार, डिप्टी सचिव एसवी कोहली, ड्रेन विभाग के इंजीनियर मनजीत सिंह, मनीष रस्तोगी, जसपाल सिंह, जगजीत सिंह और बीएसएफ के आला अधिकारियों समेत अन्य कई अधिकारी मौजूद थे।