देश का पहला साइबर ऑपरेशन एवं सुरक्षा केंद्र ‘सेनकॉप्स’ जल्द ही चालू हो जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री दिसंबर के पहले या तीसरे सप्ताह में इसका उद्घाटन करने चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं। सेक्टर-18 भारतीय वायु सेना के विरासत केंद्र की इमारत में इसे बनाया गया है। इसके संचालित होने से भारत का साइबर सुरक्षा तंत्र और भी मजबूत हो जाएगा।
इस केंद्र के जरिए साइबर अपराधों के जटिल मामलों को सुलझाना भी आसान होगा। इससे पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख को भी साइबर अपराधों से निपटने में सहायता प्रदान की जाएगी।
यह भी पढ़ें: खुलासा: पंजाब में पराली प्रबंधन की मशीनें खरीदने में 140 करोड़ का घोटाला, केंद्र ने रोकी सब्सिडी
88 करोड़ की लागत से हुआ तैयार
लगभग 88 करोड़ रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसी वर्ष मई में इस केंद्र की आधारशिला रखी थी। इस साइबर सुरक्षा केंद्र में कई विशेषताएं हैं, जिनमें फेशियल रिक्गनिशन, डाटा विश्लेषण, पूर्वानुमानित पुलिस, साक्ष्य इकट्ठे करना और फोरेंसिक जांच क्षमताओं को बढ़ाना आदि है।
डीआरडीओ संभालेगा कमान
इस केंद्र के चालू होने पर शुरुआती तीन वर्ष तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) इसे चलाएगा। इसके संचालन के अलावा डीआरडीओ कानून लागू करने से जुड़े पेशेवरों को गहन प्रशिक्षण भी देगा। इस कार्यक्रम के तहत साइबर ठगी के मामलों से जुड़ी जटिलताओं से निपटने और अग्रणी विश्लेषणात्मक तकनीकों के इस्तेमाल की जानकारी भी दी जाएगी। वहीं, साइबर अपराध से जुड़ी परिस्थितियों को समझने और संबंधित डाटा के मूल्यांकन की तकनीके भी सिखाई जाएंगी।