इसके अलावा हाल ही में भारत ने ट्रांस-रीजनल मैरीटाइम नेटवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नेटवर्क का संचालन इटली द्वारा किया जाता है और इसमें भी करीब 30 देश शामिल है। यह समझौता समुद्रों में होने वाली वाणिज्यिक यातायात संबंधी गतिविधियों के बारे में सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है। जो कि समुद्री रास्तों से तस्करी जैसी गंभीर चुनौतियों को पार पाने में सहायक साबित होती हैं। मगर अब फ्रांस का मानना है कि भारत और फ्रांस के बीच मैरीटाइम ट्रैफिक सिक्युरिटी और तस्करी जैसी चुनौतियां सामान्य है। लिहाजा अब इस काम को भी दोनों मिलकर करेंगे।
मैरीटाइम ट्रैफिक सिक्युरिटी पर दोनों देशों बीच एमओयू संभव
देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि हमारी जिम्मेदारी सिर्फ क्षेत्रीय बार्डर की सुरक्षा तक सीमित नहीं रह सकती। हम भारतीय-प्रशांत और हिंद महासागर रीजन में भी लगातार एक जिम्मेदार देश के रूप में विश्व शांति व अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ परस्पर सहयोग के लिए वचनबद्ध है।
उन्होंने बताया कि हमारी भूमिका इन क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है और इसकी सराहना भी हो रही है। इसी मसले पर रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ले ने भी कहा कि समुद्री क्षेत्र के सुरक्षा संबंध में भारत और फ्रांस का दृष्टिकोण एक ही है। इसलिए हम इन तमाम सामान्य चुनौतियों को डील करने में एक-दूसरे का पूरा सहयोग करेंगे। आने वाले समय में इस संदर्भ में दोनों देशों के बीच समझौतों की भी प्रबल संभावना है।