मुख्य सचिव ने ली बैठक, बोले-सीआईडी के इनपुट पर भी काम करें
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए शराब की तस्करी की रोकथाम के लिए सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने कहा कि जिला स्तर पर पुलिस कमिश्नर, डीसी, एसपी व आबकारी विभाग के अधिकारी फ्रंट में आकर माइक्रो लेवल तक निगरानी बढ़ाएं ताकि इन गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके। इसके साथ ही सीआईडी के इनपुट पर भी काम करें। मुख्य सचिव ने शनिवार को गुरुग्राम के लघु सचिवालय स्थित काॅन्फ्रेंस हाल में पंचकूला और एनसीआर से लगते जिलों के अधिकारियों से अब तक जब्त की गई अवैध शराब की स्थिति के बारे में जिलावार जानकारी ली। उन्होंने चंडीगढ़ से बैठक में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारियों को पड़ोसी राज्यों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन राज्यों में अब तक जब्त शराब मूल रूप से किस राज्य से वहां पहुंची, उसकी जानकारी ली जाए। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली व अन्य राज्यों से जिन जिलों की सीमा लगती है। वहां पर पहले की अपेक्षा अधिक सतर्कता बरती जाए। उन्होंने विभिन्न जिलों से प्राप्त डेटा का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा में अब तक नाै करोड़ रुपये कीमत की 2,78,819 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। उन्होंने बताया कि अब की गई सख्ती आगामी विधानसभा चुनाव तक काम आएगी। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल, एडीजीपी सीआईडी आलोक मित्तल, आबकारी विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र कल्याण समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नेटवर्क बढ़ाएं अधिकारी
मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अपना नेटवर्क बढ़ा कर ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क बढ़ाए और पुराने मामलों की हिस्ट्री निकाले और सीआईडी के इनपुट पर अपनी कार्रवाई करें। उन्होंने गुरुग्राम मंडल के आयुक्त आरसी बिढ़ान के मुख्य संपर्क सड़कों के बजाय वैकल्पिक मार्गों की सरप्राइज चेक बढ़ाने के सुझाव की प्रशंसा की। गुरुग्राम के डीसी निशांत कुमार यादव ने मुख्य सचिव को जिला की प्रगति से अवगत कराया। गुरुग्राम में 47 नाके लगाए और अब तक 14.8 हजार लीटर शराब जब्त की जा चुकी है।