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Chandigarh News: 926 टैक्स डिफॉल्टरों पर इनकम टैक्स का शिकंजा, नोटिस जारी

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चंडीगढ़। टैक्स चोरी और रिटर्न फाइलिंग में गड़बड़ी करने वाले डिफॉल्टरों पर इनकम टैक्स विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इनकम टैक्स नॉर्थ वेस्ट रीजन ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ में 926 टैक्स डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किए हैं। विभाग की असेसमेंट प्रक्रिया के दौरान इन टैक्सपेयर्स को शॉर्टलिस्ट किया गया था। इनमें कारोबारी, उद्योगपति और विभिन्न संस्थाएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार नोटिस का जवाब मिलने के बाद प्रत्येक मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इनकम टैक्स रिटर्न की असेसमेंट के दौरान ऐसे कई टैक्सपेयर्स की पहचान हुई, जिनका कारोबार लगातार बढ़ रहा था और मुनाफा भी अच्छा था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी ओर से दिखाई गई आय और टैक्स देनदारी कम होती गई। इन मामलों को संदिग्ध मानते हुए संबंधित कारोबारियों के वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराई गई।



जीएसटी रिटर्न से भी मिलान



जांच के दौरान इनकम टैक्स विभाग ने संबंधित टैक्सपेयर्स की ओर से दाखिल जीएसटी रिटर्न और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का भी मिलान किया। विभाग यह पता लगाने में जुटा कि कारोबारी गतिविधियों, जीएसटी में घोषित कारोबार और इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाई गई आय में कोई अंतर तो नहीं है। असेसमेंट प्रक्रिया के बाद 926 मामलों में संबंधित टैक्सपेयर्स से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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पंजाब में सबसे ज्यादा मामले



अधिकारियों के अनुसार पांचों क्षेत्रों में पंजाब में सबसे ज्यादा टैक्स डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कई बड़े स्क्रैप डीलर, साइकिल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी और अन्य उद्योगों से जुड़े उद्योगपति शामिल हैं। विभिन्न कारोबारी संस्थाओं को भी नोटिस भेजे गए हैं। रिटर्न, टीडीएस और अन्य वित्तीय दस्तावेजों में अंतर वाले मामलों को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।



कंपनियों के एमडी भी दायरे में



कुछ कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) को भी नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार कुछ कंपनियों के टीडीएस स्तर पर खामियां मिली हैं। विभाग जांच कर रहा है कि कर्मचारियों, कारोबार से जुड़े लोगों या अन्य संबंधित पक्षों के भुगतान पर नियमानुसार टीडीएस काटा और जमा किया गया था या नहीं। कंपनियों से रिकॉर्ड और स्पष्टीकरण मांगा गया है।



डीजीआईटी इन्वेस्टिगेशन की निगरानी



नॉर्थ वेस्ट रीजन में मामलों की जांच डीजीआईटी इन्वेस्टिगेशन के नेतृत्व में की जा रही है। प्रत्येक मामले में दस्तावेजों और रिटर्न की जांच की जा रही है। नोटिस पाने वाले टैक्सपेयर्स को अपना पक्ष और संबंधित दस्तावेज विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। जवाब और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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