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Crime: महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्यादा हो रहे झपटमारी का शिकार, युवतियां भी दे रहीं वारदात को अंजाम

Mon, 26 Jun 2023 04:01 PM IST
निवेदिता वर्मा बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

वर्ष 2021 में पकड़े गए झपटमारों में से दो विद्यार्थी थे। 2022 में तीन और इस वर्ष 31 मई तक चार विद्यार्थी झपटमारी की वारदातों को अंजाम देते काबू आ चुके हैं। वहीं नाबालिग आरोपी भी झपटमारी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
 
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स्नैचिंग - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चंडीगढ़ में लगातार झपटमारी की घटनाएं हो रही हैं। लोगों के पर्स और मोबाइल फोन को निशाना बनाया जा रहा है। वर्ष 2021 से इस वर्ष 31 मई के आंकड़ों पर गौर करें तो महिलाओं के मुकाबले ज्यादा पुरुष झपटमारी की वारदातों का शिकार हुए हैं। वर्ष 2021 में जहां 48 महिलाओं को निशाना बनाया गया था वहीं 73 पुरुष ऐसी घटनाओं का शिकार हुए थे।

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2022 में 49 महिलाएं और 90 पुरुषों के साथ ऐसी वारदातें हुई। वहीं इस वर्ष भी मई तक 29 महिलाएं और 39 पुरुष ऐसी घटनाओं का शिकार हुए। वहीं आंकड़ों में साफ हुआ है कि झपटमारी की वारदातों में ज्यादातर पीड़ित 18 से 45 वर्ष के हैं। आंकड़े बताते हैं कि ज्यादातर झपटमार युवा हैं और कुछ नाबालिग भी इन वारदातों में शामिल हैं।

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यह आंकड़े आए सामने
वर्ष 2021 में पुलिस ने 121 मामले दर्ज किए थे। वर्ष 2022 में इनकी संख्या 139 हो गई और इस वर्ष 31 मई तक झपटमारी के 68 मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि पुलिस झपटमारों को पकड़ने में जुटी हुई है। पिछले वर्ष शुरुआती 5 महीनों में 74 झपटमार पकड़े गए थे जबकि इस वर्ष 82 झपटमारों को पुलिस काबू कर चुकी है।

वहीं वर्ष 2021 में एक ओर जहां कुल 147 झपटमार पकड़े गए थे वहीं 2022 में इनकी संख्या 178 रही और इस वर्ष मई तक 82 को पुलिस पकड़ चुकी है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2021 में पकड़े गए झपटमारों में से दो विद्यार्थी थे। 2022 में तीन और इस वर्ष 31 मई तक चार विद्यार्थी झपटमारी की वारदातों को अंजाम देते काबू आ चुके हैं। वहीं नाबालिग आरोपी भी झपटमारी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

ढाई साल में छह युवतियां भी चढ़ चुकी हैं हत्थे
चंडीगढ़ पुलिस द्वारा पकड़े गए झपटमारों में ज्यादातर युवा हैं और आधा दर्जन युवतियां भी पिछले अढ़ाई साल में गिरफ्त में आ चुकी हैं। वर्ष 2021 में जहां 14 नाबालिग झपटमार पकड़े गए थे। वहीं 2022 में भी 14 और इस वर्ष मई तक सात नाबालिग हत्थे चढ़ चुके हैं। 18 से 25 वर्ष की उम्र के 87 युवक और एक युवती वर्ष 2021 में पकड़े गए थे। वहीं 2022 में इस आयु वर्ग में 118 और इस वर्ष मई तक 52 युवक और दो युवतियां हत्थे चढ़ चुकी हैं। वहीं 25 से 30 वर्ष तक के 21 युवक वर्ष 2021, 2022 में 25 और दो युवतियां और इस वर्ष मई तक 16 आरोपी इस आयु वर्ग में पकड़े जा चुके हैं। दूसरी ओर 30 से 35 वर्ष तक आयु वर्ग में वर्ष 2021 में 15, 2022 में 5 और 2023 में मई तक 3 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। 35 वर्ष से ऊपर की उम्र के 8 व्यक्ति और एक महिला, वर्ष 2022 में चार आरोपी और इस वर्ष मई तक दो आरोपी इस आयु वर्ग में काबू हो चुके हैं।

18 से 45 वर्ष के लोग हो रहे ज्यादा शिकार
आंकड़े बताते हैं कि झपटमारों में वर्ष 2021 में 18 वर्ष से कम आयु के दो, 2022 में चार और इस वर्ष मई तक पांच किशोर पीड़ित शामिल थे। वहीं 2022 में एक किशोरी और इस वर्ष मई तक चार किशोरियां शामिल हैं। इसके अलावा 18 से 45 वर्ष से कम आयु तक के पीड़ितों की संख्या वर्ष 2021 में पुरुषों की 61 और 29, 2022 में 74 और 34 तथा इस वर्ष मई तक 27 और 22 हैं। इसी तरह 45 से 60 वर्ष से कम आयु के पुरुष और महिला पीड़ितों की संख्या वर्ष 2021 में नौ और 13 थी। 2022 में नौ और आठ तथा इस वर्ष मई तक पांच पुरुष पीड़ित थे। इसके अलावा 60 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों में वर्ष 2021 में एक बुजुर्ग एवं छ: बुजुर्ग महिलाएं, 2022 में तीन बुजुर्ग और छ: बुजुर्ग महिलाएं तथा इस वर्ष 31 मई तक दो पुरुष और तीन बुजुर्ग महिलाएं शामिल थीं।
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शहर में ज्यादातर झपटमारी की वारदातें सुलझाई जा रही हैं और आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं झपटमारी की घटनाओं को रोकने के लिए रात में विशेष पेट्रोलिंग और नाके भी लगाए जा रहे हैं। - कंवरदीप कौर, एसएसपी, चंडीगढ़।

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