खरड़ निवासी एक व्यक्ति को यूएस में रहने वाले उसके बेटे ने पार्सल भेजा। पर, डिलिवरी के समय उसमें काफी चीजें गायब थीं।
केस की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता अदालत ने खरड़ डाकघर के पोस्ट मास्टर और फॉरेन स्पीड पोस्ट, नई दिल्ली के डायरेक्टर को सेवाओं में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
उन्हें पार्सल में कम निकले सामान की कीमत और बीस हजार रुपये मुआवजा उपभोक्ता को देने का आदेश दिया गया है।
खरड़ निवासी भगत राम ने उपभोक्ता अदालत में दी शिकायत में कहा था कि उसके बेटे ने यूएस से एक पार्सल भेजा। इसमें पैड कवर, ईयर फोन, चार जोड़ी शूज, चॉकलेट व टॉफियां थीं।
तीन फरवरी-2012 को उन्होंने खरड़ डाकघर में पार्सल खोला तो उसमें काफी चीजें गायब थीं। इसके बाद उन्होंने पार्सल लेने से इंकार कर दिया।
कई बार कहने के बाद भी डाकघर अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। सुनवाई के दौरान पोस्ट मास्टर और डायरेक्टर फॉरेन स्पीड पोस्ट की तरफ से दलील दी गई कि शिकायतकर्ता, उपभोक्ता नहीं है, पार्सल सिर्फ उसके पते पर डिलीवर होना था।
अगर लाए जाने के दौरान कोई आइटम डैमेज होता है तो वह मुआवजे का हकदार नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पोस्ट मास्टर और डायरेक्टर फॉरेन स्पीड पोस्ट को सेवाओं में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया।
साथ ही उन्हें कम सामान की कीमत 33,650 रुपये उपभोक्ता को ब्याज समेत देने और बीस हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।