पंजाब में बेशकीमती घोड़ों की किडनियां फेल हो रही हैं। इस कारण ये घोड़े तड़पकर दम तोड़ रहे हैं। सूबे के स्टड फार्म संचालक (अश्व व्यवसायी) इसे लेकर काफी चिंतित हैं। घोड़ों की मौत के सात मामले सामने आ चुके हैं। सभी मामलों में घोड़ों की मृत्यु के लक्षण भी एक जैसे पाए गए हैं। एक घोड़े की कीमत 22 से 40 लाख रुपये बताई गई है।
घोड़ों की इस रहस्यमय मौत से घबराए अश्व पालकों ने अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली है। उन्होंने केस स्टडी और विभिन्न दस्तावेज के आधार पर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इन मौतों का संज्ञान लेते हुए जांच करवाने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने पंजाब के पशुपालन विभाग को दो महीने के भीतर मामले की वैज्ञानिक जांच करवाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेशों में यह भी कहा है कि यदि विभाग दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट नहीं देता है, तो उसे पीड़ित अश्व मालिकों को 50-50 हजार रुपये देने होंगे।
किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे चिकित्सक
घोड़ों में सीरम क्रिएटिनिन का स्तर 0.5 से 2.0 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच होना चाहिए लेकिन मौत के बाद हुई मेडिकल जांच में इसकी मात्रा 8 से 10.45 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच पाई गई। चिकित्सकों ने सभी घोड़ों की किडनियां फेल होने की पुष्टि की है लेकिन इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
अश्व मालिकों ने बताया कि उनके घोड़े मारवाड़ी और नुकरा नस्ल के थे। वे इन मौतों को सामान्य मान रहे थे लेकिन जब एक के बाद एक सात घोड़ों ने एक जैसे लक्षणों के साथ तड़पकर दम तोड़ दिया तो उनकी चिंता बढ़ गई।