वित्त मंत्री अरुण जेटली को चिट्ठी लिखने के बाद सांसद किरण खेर ने संसद में चंडीगढ़ को फिल्म इंस्टीट्यूट दिए जाने का मुद्दा उठाया है। खेर ने संसद के जीरो ऑवर में फिल्म इंस्टीट्यूट पर अपनी मांग विस्तार से रखी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते स्किल की मांग को देश के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले फिल्म इंस्टीट्यूट पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
फिल्म और टेलीविजन क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट केवल अभिनय तक सीमित नहीं है। इसमें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, कॉस्ट्यूम, लाइटिंग, साउंड और फिजिकल इफेक्ट्स जैसे बहुत से क्षेत्र आते हैं, जिनमें कुशल लोगों की मांग रहती है। खेर ने कहा कि फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे, डॉ. एमजीआर गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ फिल्म एंड टेक्नोलॉजी चेन्नई, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कोलकाता और अरुणाचल प्रदेश में बनने वाला फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट भी देश की आबादी और मांग के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं। इन सब चीजों को देखते हुए चंडीगढ़ में भी फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट की जरूरत है।
चंडीगढ़ ऐसी जगह स्थित है जो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू एंड कश्मीर जैसे राज्यों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करता है। यहां सभी बड़े शैक्षणिक संस्थान उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। खेर ने कहा कि वर्ष 2014-15 में इस रीजन से 40 फिल्में सर्टिफाइड हुई हैं। इस क्षेत्र में फिल्म उद्योग तेजी से फल-फूल रहा है। उपकरणों से सुसज्जित फिल्म संस्थान न होने की वजह से इस क्षेत्र का बड़ा नुकसान हो रहा है।