एसजीपीसी के अध्यक्ष प्रो. किरपाल सिंह बडूगर
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हरमंदिर साहिब में टोपी पहन कर प्रधानमंत्री के जाने के मामले को सिंह साहिबान को देखने के लिए कहा गया है। अगर इससे गुरमत की मर्यादा को ठेस पहुंची है तो वे उचित कार्रवाई कर सकते हैं। क्योंकि यह सिंह साहिबान के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह बात एसजीपीसी के अध्यक्ष प्रो. किरपाल सिंह बडूगर ने बुधवार को पत्रकारों से कहीं।
वह शरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार मोहाली के फेज-8 स्थित ऐतिहासिक गुरूद्वारा अंब साहिब पहुंचे थे। जहां पर एसजीपीसी की मेंबर परमजीत कौर लांडरां समेत अन्य धार्मिक जत्थेबंदियों की ओर से बडूगर का जोरदार स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें सरोपा पहनाकर सन्मानित किया गया। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान सरबत खालसा पर बडूगर ने कहा कि यह किसी धार्मिक जत्थेबंदी की ओर से नहीं बल्कि एक राजनीतिक पार्टी की ओर से कराया जा रहा है।
अकाली दल मान की ओर से करवाए जा रहे सरबत खालसा को लेकर जत्थेबंदियों से बात कर इस का हल निकाला जाएगा। बडूगर ने कहा कि लोग सरबत खालसा को लेकर राजनीति कर रहे हैं। यह बात बिल्कुल भी ठीक नहीं है। वे राजनीति जितनी मर्जी करें लेकिन धर्म के नाम पर नहीं। एसजीपीसी का इस सरबत खालसा से कुछ लेना देना नहीं है।