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Chandigarh News: मनीमाजरा में परमिशन वाले वेंडरों का भी मनमाना कब्जा

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मनीमाजरा। चंडीगढ़ का सबसे घनी आबादी वाला इलाका मनीमाजरा लंबे समय से अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। नगर निगम ने पिछले सप्ताह से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया, लेकिन इसके बावजूद हालात में उस स्तर पर सुधार देखने को नहीं मिला। असल चिंता यह है कि कई वेंडर, जिन्हें नगर निगम ने परमिशन दी हुई है, वे भी अपनी मनमर्जी से फुटपाथ और सड़क पर कब्जा करके लगातार अव्यवस्था फैलाने में लगे हैं।

सबसे ज्यादा बदहाल स्थिति मनीमाजरा बस स्टैंड की है। यहां कुछ फलों की फड़ियां न सिर्फ फुटपाथ पर बल्कि मुख्य सड़क पर भी फैल चुकी हैं। इन फड़ियों को नगर निगम की ओर से ईएसपी (कुशल सेवा प्रदाता) परमिशन दी गई है, लेकिन यह वेंडरों अपने पीछे खुली खाली जगह छोड़कर सरकारी पेवर ब्लॉक सड़क पर रखकर अपनी दुकानें जमाकर बैठे हैं। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ पूरी तरह बंद हो चुके हैं। वहीं बस स्टैंड की सारी बसें और अन्य वाहन इसी कॉर्नर पर लगी फड़ी के पास से निकलते है। स्थानीय लोग अब इस क्षेत्र को तंज में ब्लाइंड कॉर्नर कहने लगे हैं।
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सरकारी सामान का भी कब्जे के लिए इस्तेमाल -परमेश्वर गिरी
समाजसेवी महंत परमेश्वर गिरी ने कहा कि इन वेंडरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि फुटपाथ और सड़क, दोनों पर कब्जा कर लेते हैं। सरकारी पेवर ब्लॉक्स भी अपनी फड़ियों को टिकाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। ये नियमों की पूरी तरह धज्जियां उड़ा रहे हैं। गिरी का कहना है कि जब परमिशनशुदा वेंडर ही कानून नहीं मानेंगे तो अवैध कब्जों पर कार्रवाई का डर कैसे होगा।
परमिशन की आड़ में कब्जा -मलकीत सिंह
मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह का कहना है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी अतिक्रमण हटाने को लेकर याचिका दायर कर रखी है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। यह ईएसपी परमिशन कोरोना काल में दी गई थी ताकि लोग रोजगार चला सकें। लेकिन अब कई वेंडर इसका गलत फायदा उठाकर सड़क, फुटपाथ और यहां तक कि चौराहों पर भी कब्जा कर फड़ियां लगा रहे हैं। नगर निगम ने इनके लिए मॉडर्न कॉम्प्लेक्स और रेहड़ी मार्केट में जगह दी हुई है, पर ये वहां जाना ही नहीं चाहते। मलकीत सिंह ने साफ आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक नेताओं के संरक्षण में ये वेंडर खुलेआम कब्जा कर रहे हैं, जिसके कारण नगर निगम भी ढंग से कार्रवाई नहीं कर पाता। पहले नगर निगम द्वारा आईटी पार्क में बनाए गए वेंडर जोन में यह फड़ी वाले नहीं गए और अब फिर लाखों रुपये की लागत से चिल्ड्रन पार्क के पास गए वेंडर जोन में यह लोग जाने को तैयार नहीं है।
विरोध करने वालों को धमकाते हैं-कुलवंत सिंह जग्गा
समाजसेवी कुलवंत सिंह जग्गा ने बताया कि जो लोग इनके खिलाफ आवाज उठाते हैं, वेंडर उनके घर तक लड़ने पहुंच जाते हैं। कानून व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। कुछ समय पहले बस स्टैंड पर एक फड़ीवाले ने चाकू मारकर एक युवक की हत्या कर दी थी, जो इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण है। नगर निगम कार्रवाई करता है, सामान जब्त भी होता है, चालान भी कटते हैं, लेकिन वेंडर कुछ घंटों या कुछ दिनों बाद फिर उसी जगह बैठ जाते हैं।
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स्थानीय निवासियों ने मांग की कि सभी परमिशनशुदा वेंडरों को वेंडर जोन में शिफ्ट किया जाए, बस स्टैंड और मुख्य सड़कों को नो-वेंडिंग जोन घोषित किया जाए। इसके अलावा गुंडागर्दी करने वाले वेंडरों पर एफआईआर दर्ज की जाए। जब तक प्रशासन स्थायी समाधान नहीं खोजता, तब तक मनीमाजरा की सड़कें अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाएंगी।
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