चंडीगढ़। लैम्बर्गिनी गीत से मशहूर हुईं गायिका रागिनी टंडन को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 की कोल्ड कॉफी, सॉफ्टी, पॉपकॉर्न और सिजलर बहुत याद आते हैं। चंडीगढ़ से अपने गहरे लगाव को याद करते हुए कहा कि यहां के लोग जिंदादिल और सकारात्मक ऊर्जा से भरे हुए हैं। लंदन में रहने वाली रागिनी शनिवार को चंडीगढ़ के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। वे 7 और 8 अगस्त को टैगोर थिएटर में होने वाले चेजिंग लाइट संगीत समारोह में आमंत्रित होने पर शहर पहु्ंचीं हैं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी शिक्षा प्राचीन कला केंद्र से विशारद में की थी। उन्हें रॉक गार्डन में झूलों और मधुमक्खी के काटने की घटना आज भी याद है। रागिनी के भाई शिव टंडन लेखक और निर्देशक हैं। इस दौरान उन्होंने भी अपने अनुभव साझा किए। सिंगापुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद भी उन्होंने थिएटर को चुना और उसमें महारत हासिल की। उन्हें सिंगापुर में गोल्ड मेडल भी मिला। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही एक नया शो लेकर आ रहे हैं जिसमें नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए गीत को एक नए अंदाज में पेश किया जाएगा। रागिनी ने बताया कि उनका पसंदीदा वाद्य यंत्र पियानो है और वह अपने भाई शिव और एक दोस्त आगाज के साथ मिलकर धुनें बनाती और प्रस्तुत करती हैं।