चंडीगढ़। खुद को कनाडा का नागरिक बताकर बुजुर्गों को ठगने वाले तीन आरोपियों को साइबर सेल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान बिहार के चंपारण के रहने वाले राजा बाबू व रोहित और अमृतसर निवासी अरविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
साइबर सेल थाने में दो जुलाई को धनास निवासी विक्रम की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। आरोपियों ने विक्रम के बुजुर्ग रिश्तेदार को कॉल कर कहा कि वे कनाडा में रहने वाले उनके रिश्तेदार के दोस्त हैं। एक युवक ने कहा कि आपके रिश्तेदार ने विदेशी नागरिक के सिर में बियर की बोतल मार दी है। इसके बाद दूसरे आरोपी ने वकील बनकर बात की और केस खत्म करने के लिए पैसों की मांग की। बुजुर्ग ने इसके बारे में विक्रम को बताया। विक्रम ने आरोपियों के झांसे में आकर उनके खाते में 60 हजार और फिर 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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शातिर इस तरह करते थे ठगी की वारदात
दरअसल, आरोपी शहर के बुजुर्गों को फोन करते थे और खुद को कनाडा का नागरिक बताते थे। इसके बाद बुजुर्गों को उनके परिवार के सदस्यों की हत्या और वीजा खत्म होने का झांसा देकर ठगी करते थे। वह बुजुर्गों को बड़ी चालाकी से अहसास दिलाते थे कि उनके परिवार का सदस्य कनाडा में मुश्किल में है। इसके बाद बुजुर्ग झांसे में आकर लाखों रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी रोहित को मंगलवार को गिरफ्तार किया जबकि बाकी दो आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर लिया था।
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अरविंदर के खाते में हुए थे पैसे ट्रांसफर
जांच अधिकारी जोगेंद्र ने बताया कि ठगी के पैसे रोहित के पिता के खाते में गए थे लेकिन अकाउंट को रोहित चलाता था, उसके पिता को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद ठगी के पैसे राजा बाबू के खाते में ट्रांसफर हुए। यहां से अमृतसर निवासी अरविंदर के खाते में पैसे डाले गए। अरविंदर बिना किसी रिकॉर्ड के पैसों को दिल्ली और सूरत (गुजरात) भेजता था। जोगेंद्र ने बताया कि आरोपी कमीशन पर काम करते थे।