यूटी में लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कंप्यूटर पर टेस्ट देना अब आसान होगा। रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) की जल्द लॉन्च होने जा रही वेबसाइट पर लर्नर लाइसेंस का मॉक टेस्ट उपलब्ध होगा।
इस टेस्ट के जरिए लर्नर लाइसेंस बनवाने वाले लोगों को पता चल जाएगा कि टेस्ट में किस तरह के सवाल पूछे जाएंगे। अभी लर्नर लाइसेंस के लिए कंप्यूटाइज्ड टेस्ट देने वालों को यह जानकारी नहीं मिल पाती है कि टेस्ट में किस तरह के सवाल पूछे जाएंगे? इससे हर रोज टेस्ट में बैठने वाले 35 से 40 फीसदी लोग फेल हो जाते हैं।
इस टेस्ट में ट्रैफिक नियमों से संबंधित 20 सवाल पूछे जाते हैं, ताकि यह पता चल सके कि लर्नर लाइसेंस बनवाने जा रहे व्यक्ति को ट्रैफिक नियमों की कितनी जानकारी है। आरएलए हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी के अलावा तमिल, तेलुगू और कन्नड़ भाषाओं में टेस्ट लेता है।
लर्निंग लाइसेंस टेस्ट प्रक्रिया होगी कड़ी
ध्यान रहे कि यूटी के परिवहन विभाग की ओर से लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट की प्रक्रिया को और कड़ा किया जा रहा है। टेस्ट में अभी 20 मल्टीपल च्वाइस प्रश्न पूछे जाते हैं। इनकी संख्या 25 से बढ़ाकर 50 तक करने का प्रस्ताव है। आरएलए के पास अभी टेस्ट के लिए 200 प्रश्नों का डाटा है।
अब एक हजार से ज्यादा सवालों का बैंक तैयार होगा और सभी सवाल ऐसे होंगे जिसे वही हल कर पाएगा, जिसे सड़क सुरक्षा नियमों की पूरी जानकारी होगी। अभी तक नेगेटिव मार्किंग नहीं है, लेकिन अब नेगेटिव पार्किंग को लागू करने का भी प्रस्ताव है। उधर, आरएलए कार्यालय में लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट अब टच स्क्रीन से हो रहा है। अभी तक टेस्ट देने के लिए आने वाले लोगों को कंप्यूटर पर आब्जेक्टिव टाइप सवालों का जवाब देने के लिए माउस का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन, जिन लोगों को कंप्यूटर चलाना नहीं आता था उन्हें टेस्ट देने में दिक्कत आती थी।
वेबसाइट से यह होगा फायदा
-लर्नर लाइसेंस के टेस्ट का परिणाम रोज वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
-आरएलए की वेबसाइट से सभी तरह के फार्म डाउनलोड किए जा सकेंगे। अभी लोगों को फार्म खरीदने पड़ते हैं।
-वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस और प्रक्रिया की पूरी जानकारी वेबसाइट पर बताई जाएगी।
जाति सर्टिफिकेट भी मिलेगा ऑनलाइन
यूटी प्रशासन अब जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। इसके लिए एनआईसी ने सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है और इसकी टेस्टिंग भी हो गई है। अगले सप्ताह इसे लॉन्च किया जा सकता है। इसके बाद शहर के लोगों को जाति प्रमाण पत्र लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सर्टिफिकेट लेने के लिए उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करने वाले की वेरीफिकेशन होगी। इसके बाद इस पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम डिजीटल हस्ताक्षर करेंगे। एसडीएम (सेंट्रल) प्रिंस धवन को इस प्रोजेक्ट के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।