कैबिनेट ने तीन साल की सेवा पूरी कर चुके सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में सेवारत 127 असिस्टेंट प्रोफेसरों की सेवाएं नियमित कर दी हैं। इससे राज्य के ग्रांट-इन-एड कॉलेजों में उच्च शिक्षा का स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। ग्रांट-इन-एड कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 1925 खाली पदों में से 1332 पद भरे गए हैं, जिनमें से 127 ने सितंबर, 2018 में अपने तीन साल पूरे कर लिए हैं।
इसके अलावा वन विभाग के तीन मुलाजिमों की सेवाएं नियमित करने की सहमति दे दी गई है क्योंकि वह इस समय अनुबंध के आधार पर सर्वेक्षक (सोशल मैपर) के तौर पर काम कर रहे हैं। ऐसा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार किया गया है।
इस तर्ज पर 28 मुलाजिम इससे पहले नियमित किए गए हैं। कैबिनेट ने वाटर सप्लाई सेनिटेशन डिपार्टमेंट (डीडब्ल्यूसीसी) के प्रशासकीय ढांचे के पुनर्गठन को भी हरी झंडी दे दी। इसके अलावा अगले तीन साल के दौरान ग्रुप ए, बी और सी के 748 पद भरने और अनुबंध के आधार पर तुरंत विशेष कार्यों के लिए 1528 पदों की भर्ती योजना की भी सहमति दे दी है।
यह की गई कटौती
सेवा अवधि तर्जुबे में कटौती
2 साल से कम कोई नहीं
2-5 साल सेवा 1 साल
7 सात या अधिक 2 साल
10 साल या अधिक 3 साल
कैबिनेट के अन्य फैसले
- चार विभागों के लिए चार वर्षीय विकास योजना को हरी झंडी
- निजी मार्केट यार्ड बनाने वालों को एमएमपी पर शुल्क से राहत
- पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र 2-6 अगस्त तक बुलाने का फैसला
- गोबिंदगढ़ किले समेत संग्रहालयों में लगेगी एंट्री टिकट
- ग्रामीण जल सप्लाई स्कीमों के बकाए के एकमुश्त निपटारे का फैसला
- निजी यूनिवर्सिटी स्थापना के लिए जमीन की शर्त में राहत
- ‘मेक इन पंजाब’ के लिए स्थानीय उत्पादकों को मिलेगा प्रोत्साहन