यह मामला साजिशन धार्मिक भावनाएं भड़का और अराजकता फैलाकर पंजाब की अमन शांति भंग करने का है। उन्होंने कहा कि पंजाब अभी तक बेअदबी मामलों से सुलग रहा है। यदि ऐसे प्रयासों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो स्थिति बेहद विस्फोटक हो सकती है।
गलत तथ्यों पर ली अंतरिम जमानत
इसके साथ ही उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि याची ने गलत तथ्यों के आधार पर अंतरिम जमानत ली थी। याची का कहना था कि उसने केवल एक पोस्ट शेयर की थी जबकि असल में वह सोशल मीडिया पर अपनी इस पोस्ट का लगातार 8 घंटे तक समर्थन करते हुए दलीलें भी दे रहा था।
शिकायतकर्ता ने कहा कि विदेश मे बैठे अलगाववादी पंजाब मे जातीय भेदभाव पैदा करवाने के लिए प्रीतपाल सिंह जैसे नौजवानों के माध्यम से आपत्तिजनक लिटरेचर सोशल मीडिया पर वायरल करवा रहे हैं। पंजाब की अमन शांति को बरकरार रखने के लिए ऐसे लोगों पर नकेल कसना जरूरी है।