माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने 3 जनवरी 2023 की अधिसूचना के कुछ क्लॉज हटाकर संशोधित नीड बेस्ड चेंज पॉलिसी लागू कर दी है लेकिन रेजिडेंट्स का कहना है कि इससे केवल 25 से 30 प्रतिशत लोगों को ही लाभ मिलेगा जबकि शहर में 90 प्रतिशत से अधिक मकानों में वर्षों पहले जरूरत के अनुसार बदलाव किए जा चुके हैं।
शहर में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के करीब 62 हजार मकान हैं। क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी का कहना है कि यदि 60 से 70 प्रतिशत लोगों को राहत देनी है तो प्रशासन को वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लानी होगी। इसके तहत यूजर चार्जेज लेकर स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच के बाद नीड बेस्ड बदलाव नियमित किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संशोधित पॉलिसी में पुरानी अधिसूचना को पूरी तरह निरस्त करने के बजाय आगे से लागू करने का प्रावधान होना चाहिए था।
नीड बेस्ड कमेटी के सदस्य रहे निर्मल दत्ता ने कहा कि पुरानी सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि करीब तीन हजार एलआईजी डुपलेक्स मकानों में तीसरी मंजिल की खाली जगह पर किचन और वॉशरूम बनाए गए हैं, जिन्हें संशोधित नियमों के तहत नियमित करना मुश्किल होगा।
शुक्रवार को सेक्टर-41 के रेजिडेंट्स के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा नेता अरुण सूद से मिला। सूद ने आश्वासन दिया कि मामला प्रशासक के समक्ष उठाया जाएगा। पुरानी अधिसूचना के 28 क्लॉज में से 2 से 21, 24 और 26 से 28 तक के प्रावधान लागू किए गए हैं जबकि क्लॉज 1, 22, 23 और 25 को होल्ड पर रखा गया है। रेजिडेंट्स जल्द ही गवर्नर से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने की तैयारी में हैं।