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Chandigarh News: इंदिरा कॉलोनी की तस्वीरों से नशे पर चिंता, जोंबी ड्रग की चर्चा तेज

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मनीमाजरा। इंदिरा कॉलोनी से सामने आई चार तस्वीरों और उनके वीडियो के वायरल होने के बाद शहर में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर चिंता बढ़ गई है। तस्वीरों में चार युवक कथित तौर पर नशे की हालत में बेहद सुस्त और बदहाल नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इनकी स्थिति को जोंबी ड्रग से जोड़कर चर्चा की जा रही है। हालांकि, केवल तस्वीरों या वीडियो के आधार पर यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि युवकों ने जाइलाजीन या किसी विशेष नशीले पदार्थ का सेवन किया था। इसकी पुष्टि चिकित्सकीय जांच और ड्रग टेस्ट से ही हो सकती है।
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जाइलाजीन पशु चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली शामक दवा है। इसका उपयोग घोड़ों और मवेशियों जैसे बड़े जानवरों को शांत करने के लिए किया जाता है। मनुष्यों में इसके इस्तेमाल को मंजूरी नहीं है। नशीले पदार्थों में इसके मिलाए जाने की खबरें चिंता का विषय रही हैं। इसके प्रभाव में व्यक्ति अत्यधिक सुस्त, बेसुध या लड़खड़ाता हुआ दिखाई दे सकता है।
जोंबी ड्रग से जुड़े गंभीर खतरे
जाइलाजीन के दुरुपयोग को त्वचा संबंधी गंभीर घावों से भी जोड़ा गया है, खासकर बार-बार इस्तेमाल या इंजेक्शन के मामलों में। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे ओपिओइड जैसे अन्य नशीले पदार्थों के साथ लेने पर सांस संबंधी गंभीर समस्या और जानलेवा ओवरडोज का खतरा बढ़ सकता है।
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हर मामले को जाइलाजीन मानना सही नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार सुस्ती या एक ही मुद्रा में खड़े दिखने वाले हर व्यक्ति की स्थिति का कारण जाइलाजीन नहीं होता। अत्यधिक नशा, दवाओं की प्रतिक्रिया या अन्य चिकित्सकीय कारण भी ऐसी स्थिति पैदा कर सकते हैं। तस्वीरों ने इलाके में नशे की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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