चंडीगढ़ में हड़ताल करते आईएमए चिकित्सक।
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आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देने के सरकार के निर्णय के विरोध में शुक्रवार को चंडीगढ़ में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चिकित्सक हड़ताल पर चले गए। पूर्व घोषित हड़ताल के दौरान शहर के निजी अस्पतालों में मरीज नहीं देखे गए। डॉक्टर सिर्फ इमरजेंसी में मरीजों को देख रहे हैं।
आईएमए चिकित्सकों ने अपने अस्पताल और क्लीनिक में सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन एक्ट के विरोध में हड़ताल पर रहने की सूचना लगा दी। हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आईएमए सचिव डॉ. नितिन ने बताया कि आईएमए को इंडियन डेंटल एसोसिएशन स्टूडेंट नेटवर्क और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन भी समर्थन दे रहा है। उन्होंने बताया कि हम सेंट्रल काउंसिल फॉर इंडियन मेडिसिन एक्ट के तहत आयुर्वेदिक डॉक्टर को सर्जरी की अनुमति देने के मिक्सोपैथी के निर्णय को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
डॉ. नितिन का कहना है कि इस एक्ट के तहत आयुर्वेदिक डॉक्टरों को 62 तरह की सर्जरी करने की अनुमति दी जा रही है लेकिन उन सर्जरी को करने से जुड़ी जानकारी उन चिकित्सकों को नहीं दी गई है। उनका विरोध आयुर्वेदिक चिकित्सकों से नहीं बल्कि सरकार की गलत नीतियों से है। इस नीति के कारण डॉक्टरों के साथ ही मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसलिए आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी करने की अनुमति देने वाले एक्ट को लागू न करने की मांग की जा रही है। हड़ताल के दौरान आईएमए चिकित्सक दोपहर 3 बजे आईएमए भवन में एकत्र होकर विरोध जताएंगे।