निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की और 8 अधिकारी सस्पेंड कर दिए। सिद्धू ने जालंधर निगम के एसटीपी परमपाल सिंह, एसटीपी मोनिका आनंद, एमटीपी मेहरबान सिंह, एटीपी बलविंदर सिंह, नरेश मेहता, इंस्पेक्टर पूजा मान, अजित शर्मा और नीरज शर्मा को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही इनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है। इनके इलाके में अवैध बिल्डिंग और कालोनी के मालिकों को भी नामजद किया गया है।
इसके अलावा दो इंस्पेक्टर अरुण खन्ना और राजिंदर शर्मा को चार्जशीट किया गया है। वीरवार को गुलमोहर सिटी के पीछे बनी अवैध कालोनी में टेंट लगाकर सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान सिद्धू ने कहा कि उन्हें 93 बिल्डिंग और कॉलोनियों की शिकायत मिली थी। इनमें से जालंधर में वीरवार को उन्होंने 35 स्थानों का ही दौरा किया है। इनमें एक भी स्थान ऐसा नहीं मिला जहां पर कानून का पालन किया गया हो। हर जगह सरकार के राजस्व को चूना लगाया गया है और अधिकारियों की मिलीभगत से सारा खेल खेला जा रहा था।
मेरा बेटा भी अगर शामिल हुआ तो बख्शा नहीं जाएगा
सिद्धू से पूछा गया कि निचले स्तर के अधिकारियों ने अपने बॉस पर ही आरोप लगाकर कहा है कि उनको आदेश ऊपर से जारी हुए हैं, इसमें एटीपी ने एमटीपी और एमटीपी ने कमिश्नर नगर निगम का नाम लिया है। इस पर सिद्धू ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। नेता हो या अधिकारी, इस खेल में सबके चेहरे से नकाब हटाया जाएगा। मेरा बेटा भी अगर इस खेल में शामिल हुआ तो उसको भी बख्शा नहीं जाएगा।
मेरे बैंक में एक करोड़ नहीं, इंस्पेक्टर 100 करोड़ के मालिक बने हुए हैं
सिद्धू ने कहा कि पिछले 15 साल से जालंधर नगर निगम का ऑडिट ही नहीं हुआ और कोई पूछने वाला ही नहीं था। यही वजह थी कि अधिकारी अपने वारे न्यारे करते रहे। सिद्धू ने कहा कि जिन अधिकारियों ने सरकार का खजाना लूटा है, उनसे वसूला जाएगा, उनकी प्रापर्टी भी अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सिद्धू ने कहा कि मेरे बैंक में एक करोड़ नहीं है और इंस्पेक्टर 100 करोड़ रुपये के मालिक बने हुए हैं। सिद्धू ने कहा कि प्रापर्टी टैक्स में ही एक सिटी में सर्वे करने पर तीन लाख घरों का पैसा सरकार के पास नहीं पहुंच रहा था।