चंडीगढ़। कोरोना की दूसरी लहर में निजी अस्पतालों ने लोगों को खूब लूटा। प्रशासक के निर्देश पर बनाई गई एसडीएम (दक्षिण) एसके जैन की कमेटी ने एक ऐसे ही मामले में सेक्टर-34 के हीलिंग अस्पताल को दोषी पाया है। अस्पताल ने 91 हजार की जगह मरीज के परिजनों से 3.69 लाख वसूल लिए। अब प्रशासन ने अस्पताल को अतिरिक्त वसूले गए 2.78 लाख रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, एसडीएम (दक्षिण) के इलाके में आने वाले एक अस्पताल के खिलाफ कुणाल सोनी ने शिकायत दी थी। आरोप था कि हीलिंग अस्पताल ने उनके पिता के इलाज के लिए प्रशासन की ओर से तय दाम से कई गुना ज्यादा रुपये वसूले हैं। इस शिकायत पर एसडीएम एसके जैन व उनकी टीम के सदस्यों ने मामले की जांच की। जांच में पता चला कि सेक्टर-34 के हीलिंग अस्पताल में कुणाल के पिता के इलाज का कुल खर्च करीब 91000 रुपये का था, लेकिन अस्पताल ने मरीज के परिजनों को 3.69 लाख का बिल थमा दिया और उन्हें इसे चुकाने पर मजबूर भी किया। मजबूरन मरीज के परिजनों को ये पैसे देने पड़े।
जांच में स्पष्ट हो गया कि अस्पताल ने मरीज से 2.78 लाख रुपये ज्यादा लिए हैं। कमेटी ने अब अस्पताल प्रबंधक को आदेश दिए हैं कि वह तीन दिन के अंदर मरीज के परिजनों को अतिरिक्त पैसे लौटा दे। हालांकि अब तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पैसे लौटाने के साथ कमेटी अस्पताल पर कार्रवाई क्या करेगी। दरअसल, प्रशासन ने 10 जून को निजी अस्पतालों द्वारा ओवरचार्जिंग के मुद्दे पर जांच के लिए एसडीएम (मध्य), एसडीएम (पूर्व) और एसडीएम (दक्षिण) की अध्यक्षता में तीन कमेटी बनाई थी। इस कमेटी में एरिया एसडीएम के साथ, डीएसपी, सीनियर मेडिकल ऑफिसर और ड्रग इंस्पेक्टर को शामिल किया गया था। कमेटी को आदेश दिए गए थे कि वह अपने इलाके में निजी अस्पतालों के खिलाफ आने वाली ओवरचार्जिंग की शिकायतों की जांच करें और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करें।
पहले अस्पताल का नाम बताने से अधिकारी कर रहे थे आनाकानी
प्रशासन के अधिकारियों ने वाहवाही लूटने के लिए कार्रवाई की प्रेस विज्ञप्ति तो जारी कर दी लेकिन उसमें अस्पताल का नाम नहीं बताया गया था। न ही जांच रिपोर्ट की कॉपी भेजी गई थी। वहीं, जांच में दोषी पाए जाने के बाद अधिकारी अस्पताल पर सख्त कार्रवाई से भी बच रहे हैं, कमेटी ने सिर्फ पैसै लौटाने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई क्या करेंगे, इसका कोई जिक्र नहीं है।
12 से अधिक मरीजों के परिजनों ने की थी शिकायत, नहीं हुई कोई कार्रवाई
निजी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों से तय शुल्क से ज्यादा पैसे देने वाले 12 से अधिक मरीजों के परिजनों ने भी लिखित शिकायत की थी। उन केसों में भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायत करने वाले परिजनों का कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई ही नहीं करनी थी तो शिकायत क्यों मांगी। वहीं जानकारी के अनुसार, अब कई अस्पतालों ने परिजनों पैसे लौटाकर मामले को दबा दिया है। इस क्रम में दो परिजनों ने शिकायत वापस भी ले ली है।