पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के विस्तार की योजना को आईआईटी रुड़की ने बड़ा झटका देते हुए अपनी रिपोर्ट में इस इमारत को कैचमेंट का हिस्सा बताया है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस इमारत में निर्माण या इसका विस्तार नियमों के तहत नहीं किया जा सकता है। मैप सर्वे के आधार पर आई इस रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने अब टीम को फिजिकल सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की इमारत के विस्तार के लिए आईआईटी रुड़की की तैयार की गई रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट में बताया गया कि क्षेत्र का मैप सर्वे किया गया है और इसके अनुसार यह बिल्डिंग सुखना कैचमेंट एरिया में आती है। कैचमेंट क्षेत्र में कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने कहा कि मैप सर्वे क्यों किया गया है, क्यों नहीं फिजिकल सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी गई है। जमीनी स्तर पर सर्वे के बाद ही रिपोर्ट दाखिल की जानी चाहिए थी। हाईकोर्ट ने अब टीम को नए सिरे से फिजिकल सर्वे कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि फिजिकल सर्वे रिपोर्ट से ही पता चल पाएगा कि यह इमारत कैचमेंट क्षेत्र में आती है या नहीं, इस रिपोर्ट के आधार पर ही तय किया जा सकेगा कि इमारत का विस्तार हो सकता है या नहीं। इसके अलावा टीम ने 8 और 9 जून को हुए बिल्डिंग के ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट को सौंपने के लिए मोहलत की मांग की।
सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि सेक्टर 4 में एमएलए हॉस्टल के पीछे हाईकोर्ट के लिए पार्किंग तैयार की जा रही है। इस पार्किंग के लिए टेंडर व वर्क अलॉट हो चुका है। पार्किंग वाली जमीन हाईकोर्ट के नाम की जा चुकी है और इस क्षेत्र में करीब 300 वाहनों को पार्क किया जा सकेगा। इससे हाईकोर्ट की इमारत पर पार्किंग का बोझ कम होगा।