अब ड्राइविंग के लिए लर्निंग लाइसेंस हासिल करना आसान नहीं होगा। इसके लिए पहले कंप्यूटर टेस्ट से गुजरना होगा। इसमें साठ फीसदी अंक आने पर ही लाइसेंस बनेगा।
विदेशों की तर्ज पर यह नई व्यवस्था शुरू करने वाला मोहाली राज्य का पहला जिला बन गया है। बुधवार को ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रमुख सचिव एसएस चन्नी ने डीटीओ दफ्तर में प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।
चन्नी ने बताया कि मोहाली में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। सफलता के बाद सभी जिला ट्रांसपोर्ट दफ्तरों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब में पहले लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा मैनुअल टेस्ट लिया जाता था। अब प्राथमिक टेस्ट कंप्यूटर द्वारा लिया जाएगा।
लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा आवेदकों की गिनती बढ़ने के कारण मैनुअली टेस्ट लेना असंभव हो गया था। इस कारण कई ऐसे लोग भी लाइसेंस हासिल करने में कामयाब हो जाते थे, जिन्हें ट्रैफिक साइन भी नहीं पता।
वे हादसों का कारण बनते हैं। नई व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी, योग्य लोगों को ही लाइसेंस मिलेगा। कंप्यूटर टेस्ट में ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न होंगे। जिसमें साठ फीसदी अंक हासिल करना जरूरी होगा।
पंजाब रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 500 बस
ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रमुख सचिव एसएस चन्नी ने बताया कि गाड़ियों का टैक्स ऑनलाइन भरने का सिस्टम शुरू हो चुका है।
वाहन चालकों के लिए डीटीओ दफ्तरों में हेल्प डेस्क खोले जाएंगे। सिटी बस सर्विस पर चन्नी ने कहा कि मामला विचाराधीन है।
उन्होंने बताया कि पीआरटीसी एवं पंजाब रोडवेज के बेड़े में पांच सौ नई बसें शामिल होंगी, स्टाफ की भरती भी की जाएगी। इस मौके पर स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पृथीचंद, डीसी टीपीएस सिद्धू, डीटीओ करन सिंह भी मौजूद थे।