कोरोना महामारी का नाम सुनते ही मन में खौफ भर जाता है। ऐसी स्थिति में जब हम उन मरीजों से दूर रहने के लिए खुद अस्पताल जाने से कतराते हैं, तब उनकी देखभाल और इलाज करने के लिए कुछ जांबाज 24 घंटे अस्पताल में ड्यूटी दे रहे होते हैं। ऐसे ही जांबाज योद्धा हैं पीजीआई कोविड-आईसीयू में तैनात नाइट शिफ्ट की टीम में शामिल डॉक्टर और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ। जो अपनी जान की परवाह किए बिना रात को दिन समझ कर आईसीयू में भर्ती मरीजों की देखभाल में जुटे हैं।
टीम में शामिल नर्सिंग ऑफिसर धीराराम, परविंदर कौर, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अवनीत, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर जीजो और टेक्निकल स्टाफ सविता, जिनके लिए इस महामारी में फर्ज से बढ़कर कुछ भी नहीं। यह पांचों कोरोना महामारी से जंग में इस कदर जुटे हैं कि इन्हें न तो अपनी फिक्र है और न ही अपने परिवार की। इनका कहना है कि एक बार कोरोना पर जीत दर्ज हो जाए फिर अपने लिए और अपने परिवार के लिए पूरा समय बचा हुआ है। फिलहाल यह समय शहर और देश को कोरोना से बचने का है।
मरीज को खाना भी खिलाया
धीराराम ने बताया कि कोरोना महामारी में मरीजों से संपर्क बेहद खतरनाक होता है लेकिन हम ड्यूटी के दौरान पॉजिटिव मरीजों को खाना भी खिलाते हैं। आईसीयू में भर्ती मरीज की स्थिति बेहद गंभीर होती है इसलिए उनके संपर्क में आए बिना कोई भी काम करना संभव नहीं होता लेकिन उस दौरान हम अपनी सुरक्षा की अनदेखी नहीं करते। पीपीई किट पहनने के साथ ही अन्य सावधानियों का पूरी तरह पालन करते हैं ताकि ड्यूटी के दौरान हम खुद संक्रमण के शिकार न हों।