पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं मिल जाएं तो वह कहीं भी आ-जा सकते : जीवन लाल
- पीयू के होटल और पर्यटन प्रबंधन संस्थान व विश्व पर्यटन संगठन की ओर से वेबिनार का आयोजन
रोज सोसाइटी कांडा उत्तराखंड से जुड़े जीवन लाल वर्मा ने पर्यटन पर साझे किए अनुभव
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं मिल जाएं तो वह कहीं भी आ-जा सकते हैं। पर्यटकों के भाव को समझना होगा, वह क्या चाहते हैं। यह बात रोज सोसाइटी कांडा उत्तराखंड से जुड़े जीवन लाल वर्मा ने पीयू के होटल और पर्यटन प्रबंधन संस्थान व विश्व पर्यटन संगठन की ओर से संयुक्त रूप से पर्यटन और ग्रामीण विकास विषय पर आयोजित वेबिनार में कही। उन्होंने कहा कि पर्यटकों केे कहीं भी आकर्षित किया जा सकता है। चाहे वह शहर हो या फिर गांव। उन्हें बुनियादी सुविधाएं देनी होंगी। पर्यटक खुद लोगों के बीच बातचीत करके समय बिताना चाहते हैं। पर्यटकों को उद्देश्य घूमकर मनोरंजन करने के अलावा ज्ञान अर्जित भी करना है।
सोशल मीडिया पर स्थानीय विरासत की जानकारी साझा की जा रही
वीसी प्रो. राजकुमार ने वेबिनार का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान अवसरों की ओर ध्यान देने की जरूरत है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए और आत्मनिर्भर भारत के ध्येय को प्राप्त करने के लिए आभासी मंच का उपयोग करें। प्रचलित पर्यटन ज्यादातर बड़े पैमाने के आसपास केंद्रित था और इस पर्यटन के मुख्य तत्व सूर्य, रेत, समुद्र, संस्कृति और विरासत, व्यवसाय और कार्यक्रम थे। पर्यटन का क्षेत्र कोरोना के कारण प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में लोग केवल घर से काम कर रहे हैं। मैंने अनुभव किया है कि सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने के कारण लोगों ने अपने स्थानीय विरासत संसाधनों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी साझा करना शुरू कर दिया है। एक तरह से अब उन्होंने स्थानीय विरासत और ग्रामीण पर्यटन के महत्व को समझना शुरू कर दिया है
जीवन लाल वर्मा ने साझे किए अनुभव
रोज सोसाइटी कांडा उत्तराखंड से जुड़े जीवन लाल वर्मा ने उत्तराखंड के कांडा गांव में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने 1988 में एक कार्यशाला में भाग लिया गया तब मुझे स्वयंसेवक पर्यटन का विचार आया। जहां कुछ विदेशी पर्यटक स्वयंसेवक सेवाएं करने की तलाश में थे। इसी को ध्यान में रखते हुए वह हर वर्ष विभिन्न स्वयंसेवकों को उत्तराखंड के कांडा और आस-पास के गांवों में रहने और समाज के लिए काम करने के लिए आमंत्रित करते हैं।’ इस तरह से पर्यटन स्थानीय लोगों के जीवन को समृद्ध कर सकता है।
सतत विकास के लिए इको पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए
इको टूरिज्म प्लानर अंकित सूद ने ग्रामीण पर्यटन की भूमिका और महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सतत विकास के लिए इको पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने हिमाचल सरकार की ओर से समुदाय आधारित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी साझा किया है। प्रो. प्रशांत गौतम ने इस आयोजन का विवरण साझा किया। इससे पहले डॉ. अनीश, निदेशक यूआईएचटीएम ने औपचारिक स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। डॉ. लिपिका ने गतिविधियों का विवरण साझा किया, जो विभाग ने विश्व पर्यटन दिवस मनाने के लिए आयोजित की थी। आभार डॉ. अरुण सिंह ने जताया। इस वेबिनार में देशभर के विशेषज्ञों न हिस्सा लिया।